नई दिल्ली, अंतर्राष्ट्रीय वार्ता | वेब वार्ता
इजराइली प्रधानमंत्री बेनजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के बीच व्हाइट हाउस में लगभग तीन घंटे लंबी बैठक हुई, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, गाजा की स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा की गई। हालांकि, बैठक के बाद कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।
व्हाइट हाउस में हुई लंबी बैठक
यह मुलाकात अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। बैठक के बाद प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने मीडिया से कोई टिप्पणी नहीं की, जबकि राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसे “बेहद सार्थक” बताया, लेकिन स्पष्ट किया कि फिलहाल कोई ठोस समझौता नहीं हुआ है।
ईरान परमाणु समझौते पर फोकस
राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ परमाणु समझौते को लेकर बातचीत जारी रखना चाहता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान ने इस बार भी समझौते से इनकार किया, तो आगे की रणनीति परिस्थिति के अनुसार तय की जाएगी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पहले समझौते के असफल होने पर सैन्य कार्रवाई की गई थी।
| विवरण | जानकारी | स्थिति |
|---|---|---|
| बैठक स्थल | व्हाइट हाउस, वॉशिंगटन | संपन्न |
| अवधि | लगभग 3 घंटे | पूर्ण |
| मुख्य विषय | ईरान, गाजा, क्षेत्रीय सुरक्षा | चर्चाधीन |
| परिणाम | कोई ठोस समझौता नहीं | अस्पष्ट |
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत जारी रखने का संकेत।
- गाजा की स्थिति पर “महत्वपूर्ण प्रगति” का दावा।
- क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर साझा चिंता व्यक्त की गई।
गाजा और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा
राष्ट्रपति ट्रम्प ने बताया कि उन्होंने नेतन्याहू के साथ गाजा में जारी हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहन चर्चा की। नेतन्याहू ने इस दौरान ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और हमास व हिजबुल्लाह जैसे संगठनों को मिलने वाले समर्थन का मुद्दा भी उठाया।
अमेरिका-ईरान वार्ता की पृष्ठभूमि
बैठक से पहले ओमान में हुई अप्रत्यक्ष बातचीत के बाद तेहरान और वाशिंगटन के बीच परमाणु वार्ता को फिर से शुरू करने को लेकर आशावाद देखा गया था। इसी पृष्ठभूमि में नेतन्याहू और ट्रम्प की यह मुलाकात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी अहम मानी जा रही थी।
निष्कर्ष
नेतन्याहू और ट्रम्प की यह बैठक वैश्विक कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण रही, लेकिन किसी ठोस फैसले के अभाव में कई सवाल अब भी बने हुए हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंधों और गाजा संकट पर इस वार्ता का क्या प्रभाव पड़ेगा, यह आगे की कूटनीतिक गतिविधियों पर निर्भर करेगा।
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