पाकिस्तान में मानसूनी कहर जारी, अब तक 266 लोगों की मौत

एनडीएमए की रिपोर्ट में खुलासा — पंजाब सबसे अधिक प्रभावित, रावलपिंडी के 19 क्षेत्र हाई अलर्ट पर

इस्लामाबाद, (वेब वार्ता)। पाकिस्तान में मूसलाधार बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान आठ और लोगों की मौत के साथ देश भर में मानसूनी तबाही से अब तक 266 लोगों की जान जा चुकी है। यह जानकारी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की ताज़ा रिपोर्ट में दी गई है।

विभिन्न प्रांतों में मौतें और तबाही

एनडीएमए के अनुसार, हालिया मौतों में खैबर-पख्तूनख्वा से तीन, इस्लामाबाद और गिलगित-बाल्टिस्तान से दो-दो, तथा सिंध से एक व्यक्ति की जान गई है। इसके अलावा, बारिश से जुड़ी घटनाओं में पाँच लोग घायल भी हुए हैं।

जून के अंत से जारी मानसून के इस दौर में अब तक जिन 266 लोगों की मौत हुई है, उनमें

  • 94 पुरुष,

  • 46 महिलाएं, और

  • 126 बच्चे शामिल हैं।

इसी अवधि में 628 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

पंजाब सबसे ज़्यादा प्रभावित, रावलपिंडी हाई रिस्क ज़ोन घोषित

रिपोर्ट में पंजाब को सबसे अधिक प्रभावित प्रांत बताया गया है, जहां 144 मौतें और 488 लोग घायल हुए हैं।
हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद, रावलपिंडी जिला प्रशासन ने 19 शहरी क्षेत्रों को “अत्यधिक संवेदनशील” घोषित कर दिया है। इन क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन का अत्यधिक खतरा बना हुआ है, और राहत एजेंसियां चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं।

लगातार जारी है राहत और बचाव कार्य

राष्ट्रीय और प्रांतीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने सेना, अर्धसैनिक बलों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। प्रभावित इलाकों में नौकाओं और हेलीकॉप्टरों के जरिए फंसे लोगों को निकाला जा रहा है, जबकि अस्थायी शिविरों में भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

कमजोर बुनियादी ढांचे से संकट और बढ़ा

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान में मानसून के दौरान होने वाली तबाही सिर्फ प्राकृतिक नहीं बल्कि प्रशासनिक विफलता का भी परिणाम है। खस्ताहाल जल निकासी व्यवस्था, शहरी बेतरतीब निर्माण, और समय पर अलर्ट सिस्टम की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

अगले कुछ दिनों में और बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और अधिक बारिश की संभावना जताई है, खासकर पंजाब, खैबर-पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में। इससे पहले ही जलमग्न हो चुके क्षेत्रों में स्थिति और बिगड़ने का खतरा है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने सभी नागरिकों से सतर्क रहने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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