तेहरान/वाशिंगटन, 03 अप्रैल (वेब वार्ता)। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब और गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। ताजा घटनाक्रमों से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। एक ओर अमेरिका और इजरायल ने ईरान के अहम ठिकानों पर हमले का दावा किया है, वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समझौता नहीं किया गया तो बड़े हमले किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब ईरान के पास निर्णय लेने के लिए ज्यादा समय नहीं बचा है।
हमलों और दावों से बढ़ा तनाव
अमेरिका और इजरायल ने तेहरान को जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण पुल को निशाना बनाने का दावा किया है। वहीं ईरान ने बहरीन में एक बड़ी विदेशी कंपनी की इमारत पर हमले की बात कही है।
ईरान की ओर से खाड़ी देशों में मौजूद विदेशी कंपनियों को पहले ही चेतावनी दी जा चुकी थी, जिसके बाद यह घटनाक्रम और गंभीर माना जा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा खतरा
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी कड़ा बयान दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह मार्ग दुनिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
संयुक्त राष्ट्र की अपील
इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और युद्ध को रोकने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित है।
बढ़ता जा रहा मौतों का आंकड़ा
संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में लगातार जान-माल का नुकसान हो रहा है। ईरान, लेबनान, इजरायल समेत कई देशों में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं और हजारों घायल हुए हैं।
वैश्विक चिंता गहराई
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही हालात पर काबू नहीं पाया गया तो यह संघर्ष व्यापक युद्ध का रूप ले सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।



