तेहरान/वॉशिंगटन, इंटरनेशनल डेस्क | वेब वार्ता
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि अमेरिका ने इस बार युद्ध शुरू किया, तो यह सिर्फ द्विपक्षीय संघर्ष नहीं बल्कि पूरे पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले लेगा। खामेनेई का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां और कूटनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है।
‘ईरान उकसाने वाला नहीं, लेकिन जवाब करारा होगा’
ईरानी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित संदेश में खामेनेई ने कहा, “अमेरिकियों को यह समझ लेना चाहिए कि अगर वे जंग शुरू करेंगे, तो इस बार मिडिल ईस्ट में एक व्यापक क्षेत्रीय युद्ध होगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान किसी देश पर हमला करने का इच्छुक नहीं है, लेकिन यदि उस पर हमला किया गया तो हर हमलावर को करारा जवाब दिया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर ट्रंप की शर्तें
खामेनेई ने देश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों की तुलना तख्तापलट की साजिश से की। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सामने दो शर्तें रखी हैं—परमाणु कार्यक्रम को बंद करना और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई रोकना। ईरान ने इन शर्तों को आंतरिक मामलों में दखल बताया है।
फारस की खाड़ी में सैन्य अभ्यास से बढ़ा तनाव
ईरान ने 1 और 2 फरवरी को फारस की खाड़ी में बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास की योजना बनाई है। यह क्षेत्र होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा है, जहां से दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है। तेहरान ने पहले ही चेतावनी दी है कि अभ्यास के दौरान लाइव फायरिंग की जाएगी।
अमेरिका की चेतावनी: क्षेत्रीय जोखिम बढ़ेगा
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने चेताया है कि यदि ईरानी गतिविधियों से अमेरिकी सेना, क्षेत्रीय साझेदारों या कॉमर्शियल शिपिंग को खतरा हुआ, तो इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और जोखिम बढ़ सकता है। अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी को और मजबूत कर दिया है।
नौसैनिक बेड़े की तैनाती से बढ़ी टकराव की आशंका
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन की अगुवाई में एक विशाल अमेरिकी नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है। ट्रंप के अनुसार, यह बेड़ा वेनेजुएला भेजे गए बेड़े से भी बड़ा है। इससे दोनों देशों के बीच सीधे टकराव की आशंका और बढ़ गई है।
बातचीत के संकेत, लेकिन शर्तों के साथ
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने कहा है कि अमेरिका के साथ संभावित बातचीत के लिए एक ढांचा तैयार किया जा रहा है। यह बयान मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के बाद आया। हालांकि, तेहरान ने साफ किया है कि बातचीत बिना दबाव और धमकी के ही संभव है।
- खामेनेई ने क्षेत्रीय युद्ध की चेतावनी दी
- फारस की खाड़ी में ईरान का सैन्य अभ्यास
- अमेरिका ने नौसैनिक बेड़ा किया तैनात
- कूटनीति के संकेत, लेकिन तनाव बरकरार
इसी बीच ईरान के सेना प्रमुख आमिर हातामी ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका कोई भी रणनीतिक गलती करता है, तो इसका असर केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि इज़रायल और पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा पर भी पड़ेगा। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में यह टकराव वैश्विक राजनीति और तेल बाजार दोनों को प्रभावित कर सकता है।
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