सेना पर संकट की चेतावनी
तेल अवीव/यरुशलम, 26 मार्च (वेब वार्ता)। इजरायल की सेना को लेकर एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। चीफ ऑफ स्टाफ इयाल जमीर ने सरकार को आगाह किया है कि यदि तुरंत कदम नहीं उठाए गए तो सेना गंभीर संकट में पड़ सकती है। उन्होंने कैबिनेट बैठक में “10 रेड फ्लैग्स” उठाते हुए हालात को चिंताजनक बताया।
लगातार ऑपरेशन्स से बढ़ा दबाव
जमीर ने कहा कि लंबे समय से चल रहे सैन्य अभियानों के कारण सेना पर भारी दबाव है। गाजा, वेस्ट बैंक, लेबनान और सीरिया में सक्रिय ऑपरेशन्स ने सैनिकों की क्षमता और संसाधनों पर असर डाला है।
नए कानून लाने की मांग
सेना प्रमुख ने सरकार से अनिवार्य सैन्य सेवा बढ़ाने, रिजर्व ड्यूटी कानून में बदलाव और नई भर्ती से जुड़े कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि बिना इन सुधारों के सेना नियमित ऑपरेशन्स के लिए भी तैयार नहीं रह पाएगी।
रिजर्व सिस्टम पर बढ़ता खतरा
इजरायल की सेना बड़ी संख्या में रिजर्व सैनिकों पर निर्भर करती है। हाल के वर्षों में लाखों रिजर्व सैनिकों को सक्रिय किया गया, जिससे सिस्टम पर दबाव बढ़ गया है और इसके टूटने का खतरा पैदा हो गया है।
सैनिकों में बढ़ रही नाराजगी
लंबे समय तक ड्यूटी और निजी जीवन पर असर के कारण सैनिकों में असंतोष बढ़ रहा है। कुछ सैनिकों ने ड्यूटी पर लौटने से इनकार भी किया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
राजनीतिक दबाव भी बढ़ा
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सैन्य सेवा बढ़ाने की बात कही है, जबकि विपक्ष ने सरकार पर इस मुद्दे को लेकर गंभीरता की कमी का आरोप लगाया है। इससे सुरक्षा और राजनीति के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है।



