ईरान संघर्ष में अमेरिका को भारी नुकसान, अरबों डॉलर खर्च और सैनिक हताहत

वाशिंगटन, 31 मार्च (वेब वार्ता)। ईरान के साथ जारी संघर्ष अमेरिका के लिए आर्थिक और मानवीय दोनों ही स्तर पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच अमेरिका अब तक इस युद्ध में अरबों डॉलर खर्च कर चुका है, जबकि सैन्य संसाधनों और सैनिकों को भी गंभीर नुकसान उठाना पड़ा है।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, अब तक अमेरिका इस संघर्ष में लगभग 35 अरब डॉलर खर्च कर चुका है। केवल छह दिनों के भीतर ही करीब 11.3 अरब डॉलर खर्च हो गए, जिससे स्पष्ट है कि प्रतिदिन लगभग एक अरब डॉलर का व्यय हो रहा है। इस तेज खर्च ने अमेरिका की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा दिया है।

सैन्य स्तर पर भी अमेरिका को बड़ा झटका लगा है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, बीते तीन सप्ताह में सैन्य उपकरणों के नुकसान और उनकी मरम्मत पर 1.4 अरब से 2.9 अरब डॉलर तक का खर्च आने का अनुमान है। ईरान द्वारा कम लागत वाले लड़ाकू ड्रोन के माध्यम से अमेरिकी ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है, जिससे यह नुकसान हुआ है।

हवाई शक्ति को भी नुकसान पहुंचा है। अमेरिका के तीन उन्नत लड़ाकू विमान एफ-15ई, जिनकी कीमत लगभग 100 मिलियन डॉलर प्रति विमान है, आपसी हमले की घटना में नष्ट हो गए। इसके अलावा एक एफ-35ए विमान को आपात स्थिति में उतारना पड़ा, जिसकी कीमत 80 मिलियन डॉलर से अधिक बताई जाती है। एक केसी-135 ईंधन विमान भी हवा में टक्कर की घटना का शिकार हुआ है।

ड्रोन प्रणाली को भी गंभीर क्षति पहुंची है। एमक्यू-9 रीपर जैसे अत्याधुनिक ड्रोन, जिनकी कीमत लगभग 30 मिलियन डॉलर प्रति इकाई है, दर्जनों की संख्या में नष्ट हो चुके हैं। इसके साथ ही कई रडार और मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भी नुकसान हुआ है, जिनकी लागत करोड़ों डॉलर में आंकी जा रही है।

मानवीय नुकसान की बात करें तो इस संघर्ष में अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं। 28 फरवरी से जारी इस युद्ध के जल्द समाप्त होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं, जिससे स्थिति और जटिल होती जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस संघर्ष का प्रभाव केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी इसका असर साफ दिखाई देने लगा है। तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव से अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

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