वाशिंगटन/तेहरान, 04 अप्रैल (वेब वार्ता)। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के ए-10 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। यह घटना दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास बताई जा रही है। हालांकि इस दावे की अभी तक अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, जिससे स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी मीडिया और तस्नीम समाचार एजेंसी ने दावा किया है कि यह विमान रणनीतिक जलमार्ग के दक्षिणी हिस्से में निशाना बनाया गया। वहीं इस मामले पर अभी तक न तो पेंटागन और न ही व्हाइट हाउस की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आई है।
एफ-15ई विमान के क्रैश की खबर से बढ़ी चिंता
इसी बीच एक अन्य घटना ने हालात को और गंभीर बना दिया है। खबरों के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना का एफ-15ई स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान ईरान के भीतर क्रैश हो गया है। सीएनएन की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस विमान के एक क्रू सदस्य को सुरक्षित निकाल लिया गया है और उसका उपचार जारी है, जबकि दूसरे सदस्य की तलाश अभी भी जारी है।
बताया जा रहा है कि एफ-15ई विमान दो सदस्यों द्वारा संचालित किया जाता है। ईरानी मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों और वीडियो के आधार पर मलबे की पहचान इसी विमान के रूप में की गई है।
पहली बार ईरान के भीतर अमेरिकी विमान गिरने का दावा
रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा संघर्ष के दौरान यह पहली बार है जब कोई अमेरिकी लड़ाकू विमान ईरान के भीतर गिरा है। कुछ तस्वीरों में मिले अवशेषों से संकेत मिलता है कि यह विमान ब्रिटेन के आरएएफ लैकेनहीथ बेस पर तैनात 494वें फाइटर स्क्वाड्रन का हो सकता है।
हालांकि, इन घटनाओं को लेकर कई तथ्य अभी स्पष्ट नहीं हैं। ए-10 विमान को मार गिराने के ईरान के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, वहीं एफ-15ई के क्रैश के कारणों पर भी अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मौजूदा हालात में दोनों घटनाएं मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और संभावित बड़े संघर्ष की आशंकाओं को और मजबूत कर रही हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का माहौल बना हुआ है।



