ईरान को बड़ा झटका: सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की हमले में मौत, मिडिल ईस्ट में युद्ध और भड़कने के आसार

- Advertisement -
तेहरान/नई दिल्ली, डेस्क | वेब वार्ता

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ईरान को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के सचिव और देश के शीर्ष सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की इजरायली हवाई हमले में मौत हो गई है। ईरान ने आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि की है। इस हमले में उनके बेटे मुर्तुजा लारीजानी, ऑफिस हेड अली रेजा बियात और कई सुरक्षाकर्मी भी मारे गए हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र में युद्ध और तेज होने की आशंका बढ़ गई है।

हमले के बाद बढ़ा तनाव, ईरान ने दी कड़ी चेतावनी

इजरायल ने इस कार्रवाई को ‘सटीक ऑपरेशन’ बताया है, जबकि ईरान ने इसे सीधा हमला करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है। तेहरान का कहना है कि अब जवाबी कार्रवाई पहले से ज्यादा तेज और भारी होगी, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है।

  • ईरान ने हमले की पुष्टि की
  • इजरायल ने ‘सटीक ऑपरेशन’ बताया
  • जवाबी हमले की चेतावनी

युद्ध लंबा खिंचने के संकेत

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि अली लारीजानी की हत्या से शांति वार्ता की संभावनाएं लगभग खत्म हो गई हैं। वे बातचीत और समझौते के प्रमुख समर्थक माने जाते थे। उनकी मौत के बाद अब दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है, जिससे युद्ध लंबा खिंचने के संकेत मिल रहे हैं।

प्रभावसंभावना
शांति वार्तालगभग समाप्त
जवाबी हमलेतेज होने की आशंका
युद्ध की अवधिलंबा खिंच सकता है

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान पहले ही मिसाइल और ड्रोन हमलों को तेज कर चुका है और क्लस्टर मुनिशन के इस्तेमाल की भी खबरें सामने आ रही हैं।

कौन थे अली लारीजानी?

विवरणजानकारी
जन्म1958, नजफ (इराक)
शिक्षाकंप्यूटर साइंस (BSc), फिलॉसफी (MA, PhD)
मुख्य पदSNSC सचिव, संसद स्पीकर, विदेश मंत्री
भूमिकाराष्ट्रीय सुरक्षा और परमाणु नीति के प्रमुख समन्वयक

अली लारीजानी ईरान के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक थे। वे IRGC और सरकार के बीच एक मजबूत कड़ी माने जाते थे। 2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) में उनकी अहम भूमिका रही थी और उन्हें एक व्यवहारिक (प्रैग्मेटिक) नेता के रूप में जाना जाता था।

ईरान की राजनीति में बड़ा असर

सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के बाद लारीजानी को देश के प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता था। उनकी मौत को ईरान के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, जिससे सत्ता संतुलन और रणनीतिक निर्णयों पर असर पड़ सकता है।

निष्कर्ष

अली लारीजानी की मौत ने मिडिल ईस्ट में पहले से चल रहे तनाव को और भड़का दिया है। शांति वार्ता की संभावनाएं कमजोर पड़ गई हैं और दोनों पक्षों के बीच संघर्ष के और तेज होने की आशंका है। यह घटनाक्रम न केवल क्षेत्र बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी गहरा प्रभाव डाल सकता है।


👉 अंतरराष्ट्रीय संकट और युद्ध अपडेट के लिए हमारे व्हाट्सएप्प चैनल से जुड़ें – Web Varta

ये भी पढ़ें:

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img
spot_img