तेहरान/नई दिल्ली, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता
ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच देश के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने रविवार को एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर ईरानी जनता से सड़कों पर डटे रहने और आंदोलन से पीछे न हटने की जोरदार अपील की है। उन्होंने कहा कि “आपकी आवाज अब सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं है, पूरी दुनिया में गूंज रही है। दुनिया आज आपकी राष्ट्रीय क्रांति के साथ खड़ी है और आपके साहस की तारीफ कर रही है।”
रजा पहलवी का मुख्य संदेश
بدانید که تنها نیستید. هممیهنانتان در سراسر جهان، صدای شما را با افتخار فریاد میزنند که حتما تصاویر حضور پرشمار و گسترده آنها را از طریق صفحه تلویزیون میبینید. دنیا امروز کنار انقلاب ملی شما ایستاده است و شهامت شما را تحسین میکند. بهویژه پرزیدنت ترامپ، به عنوان رهبر جهان… pic.twitter.com/D3JjErJ7QM
— Reza Pahlavi (@PahlaviReza) January 11, 2026
रजा पहलवी ने अपने वीडियो संदेश में कहा: “आप अकेले नहीं हैं। आपके हमवतन दुनिया भर में आपकी आवाज को गर्व से बुलंद कर रहे हैं। आप टीवी पर उनकी बड़ी तादाद में मौजूदगी देख रहे हैं। दुनिया आज आपकी राष्ट्रीय क्रांति के साथ खड़ी है और आपके साहस की प्रशंसा कर रही है। खास तौर पर राष्ट्रपति ट्रंप, जो विश्व के नेता हैं…”
उन्होंने कहा कि मौजूदा आंदोलन ने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की दमनकारी व्यवस्था को कमजोर कर दिया है। सुरक्षा बलों के भीतर भी असंतोष बढ़ रहा है और कई जवान प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के आदेश मानने से इनकार कर रहे हैं। पहलवी ने चेतावनी दी कि आम नागरिकों पर अत्याचार करने वाले तत्वों को इसके परिणाम भुगतने होंगे।
प्रदर्शनकारियों के लिए खास सलाह और रणनीति
क्राउन प्रिंस ने लोगों को सलाह दी कि वे मुख्य सड़कों पर एकजुट रहें और भीड़ से अलग होकर संकरी गलियों या साइड स्ट्रीट्स में न जाएं, क्योंकि इससे जान का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि आंदोलन की असली ताकत एकता और अनुशासन में है।
ईरान में मौजूदा हालात: इंटरनेट ब्लैकआउट, मौतों का बढ़ता आंकड़ा
ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट जारी है, जिससे देश के अंदर की वास्तविक स्थिति की जानकारी बाहर तक सीमित रूप में पहुंच पा रही है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, प्रदर्शन और हिंसा के दौरान अब तक कम से कम 116 लोगों की मौत हो चुकी है।
ईरानी सरकार ने विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ और कठोर रुख अपनाया है। ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आज़ाद ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों को ईश्वर का दुश्मन माना जाएगा, जिसके तहत मृत्युदंड तक का प्रावधान है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने गहरी चिंता जताई है।
आर्थिक संकट बना विरोध की जड़
ईरान में विरोध प्रदर्शनों की मुख्य वजह गंभीर आर्थिक संकट मानी जा रही है। दिसंबर 2025 में महंगाई दर 42.5 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। जून में अमेरिकी हमलों के बाद हालात और बिगड़ गए, जिससे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। यही असंतोष अब बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुका है।
प्रमुख बिंदु एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| संदेश जारीकर्ता | निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी |
| तिथि | 11 जनवरी 2026 (रविवार) |
| मुख्य अपील | सड़कों पर डटे रहें, मुख्य सड़कों पर एकजुट रहें |
| मौतों का आंकड़ा | कम से कम 116 (एपी रिपोर्ट) |
| महंगाई दर (दिसंबर 2025) | 42.5 प्रतिशत |
| सरकार की चेतावनी | प्रदर्शनकारियों को ईश्वर का दुश्मन माना जाएगा, मृत्युदंड संभव |
| अंतरराष्ट्रीय समर्थन | ट्रंप सहित विश्व समुदाय ईरानी जनता के साथ |
रजा पहलवी का यह संदेश ईरानी जनता के लिए एक बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला संदेश है। उन्होंने न केवल लोगों से आंदोलन में डटे रहने की अपील की, बल्कि विश्व समुदाय, खासकर अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप का समर्थन भी बताया। इंटरनेट ब्लैकआउट और दमन के बावजूद ईरान की जनता की आवाज दुनिया तक पहुंच रही है। आर्थिक संकट और दमन की आग अब खामेनेई की व्यवस्था को चुनौती दे रही है। आने वाले दिनों में स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है, लेकिन जनता की एकजुटता और अंतरराष्ट्रीय समर्थन इसे नई दिशा दे सकता है।




