तेहरान, डेस्क | वेब वार्ता
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी की हत्या से देश की राजनीतिक व्यवस्था पर कोई घातक असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की शासन व्यवस्था किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है और यह मजबूत संस्थागत ढांचे पर आधारित है।
लारीजानी की मौत पर ईरान का कड़ा रुख
तेहरान द्वारा लारीजानी की मौत की पुष्टि के बाद अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका और इजरायल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन देशों को यह समझना होगा कि ईरान का इस्लामी गणराज्य एक सशक्त राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक संरचना पर टिका है, जिसे किसी एक व्यक्ति के हटने से कमजोर नहीं किया जा सकता।
मजबूत संस्थागत ढांचा, व्यक्ति से ऊपर व्यवस्था
अराघची ने कहा कि भले ही व्यक्ति अपनी भूमिका निभाते हैं, लेकिन ईरान की राजनीतिक व्यवस्था एक ठोस ढांचे पर आधारित है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले भी शीर्ष नेतृत्व को नुकसान पहुंचा है, लेकिन व्यवस्था ने निरंतर काम जारी रखा और नए नेतृत्व की नियुक्ति की गई।
- ईरान की व्यवस्था संस्थागत ढांचे पर आधारित
- किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं शासन
- नेतृत्व बदलने पर भी सिस्टम जारी रहता है
बासिज प्रमुख गुलामरेज़ा सुलेमानी की भी मौत
| नाम | पद | स्थिति |
|---|---|---|
| अली लारीजानी | सचिव, सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद | हमले में मृत्यु |
| गुलामरेज़ा सुलेमानी | कमांडर, बासिज (IRGC) | हमले में मृत्यु |
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अंतर्गत आने वाले बासिज अर्धसैनिक बल के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल गुलामरेज़ा सुलेमानी भी हमले में मारे गए हैं। वे पिछले छह वर्षों से देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहे थे।
विशेषज्ञों ने उठाए सवाल
अल जजीरा के वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक मारवान बिशारा ने कहा कि इस तरह की लक्षित हत्याएं युद्ध की सामान्य रणनीति नहीं हैं। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के खिलाफ बताते हुए कहा कि राजनीतिक नेतृत्व को निशाना बनाना गंभीर वैश्विक चिंता का विषय है।
अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार
अराघची ने कहा कि इस संघर्ष की शुरुआत ईरान ने नहीं की, बल्कि अमेरिका जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध के मानवीय और आर्थिक परिणामों के लिए अमेरिका को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि इसका असर न केवल ईरान बल्कि पूरे क्षेत्र और विश्व पर पड़ रहा है।
निष्कर्ष
ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर हुए हमलों के बावजूद देश ने अपनी राजनीतिक स्थिरता का दावा किया है। हालांकि, इस तरह की घटनाएं क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती हैं और वैश्विक स्तर पर इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह टकराव किस दिशा में जाता है।
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