मनामा, 29 मार्च (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बहरीन की प्रमुख एल्युमिनियम कंपनी एल्युमिनियम बहरीन (अल्बा) पर ईरान द्वारा किए गए हमले की पुष्टि हुई है। सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, इस हमले में दो लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं, जबकि कंपनी अपने संयंत्रों को हुए नुकसान का आकलन कर रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला ईरान के इस्पात संयंत्रों पर हुए हमलों के जवाब में किया गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़ी इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि अल्बा और एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि इनके कथित तौर पर अमेरिकी सैन्य और विमानन कंपनियों से संबंध हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस घटनाक्रम के बीच कंपनी ने ‘फोर्स मेज्योर’ घोषित कर दिया है। इससे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा उत्पन्न होने के कारण कंपनी ने अपनी तीन एल्युमिनियम गलाने वाली लाइनों को बंद कर दिया था, जो उसकी कुल उत्पादन क्षमता का लगभग 19 प्रतिशत हिस्सा थीं। मार्च की शुरुआत में ही कंपनी ने ग्राहकों को आपूर्ति में असमर्थता जताई थी।
क्षेत्रीय तनाव का असर अब वैश्विक एल्युमिनियम व्यापार पर भी दिखाई देने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाली आपूर्ति विश्व एल्युमिनियम व्यापार का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है, जिस पर मौजूदा हालात का सीधा प्रभाव पड़ रहा है।
इसी बीच, बहरीन स्टील की मूल कंपनी फौलथ होल्डिंग ने भी क्षेत्रीय अस्थिरता और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने संचालन पर ‘फोर्स मेज्योर’ लागू करने की घोषणा की है। कंपनी ने बयान जारी कर कहा कि मौजूदा परिस्थितियां उसके नियंत्रण से बाहर हैं और इससे संचालन व आपूर्ति तंत्र प्रभावित हुआ है, हालांकि नुकसान के स्तर को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव जारी रहता है, तो वैश्विक धातु बाजार और आपूर्ति श्रृंखला पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।



