नई दिल्ली, अंतर्राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
भारत ने इस्लामाबाद की एक मस्जिद में हुए आत्मघाती आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। इस हमले में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई है। भारत ने पाकिस्तान द्वारा इस घटना के लिए बाहरी ताकतों को जिम्मेदार ठहराने के प्रयासों को भी सिरे से खारिज किया है।
विदेश मंत्रालय का आधिकारिक बयान
6 फरवरी को जारी एक आधिकारिक बयान में भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस हमले को “निंदनीय और मानवता के खिलाफ अपराध” बताया। मंत्रालय ने मृतकों और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पाकिस्तान को अपनी आंतरिक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, बजाय इसके कि वह दूसरों पर आरोप लगाए।
आरोपों को बताया निराधार और बेबुनियाद
भारत ने पाकिस्तान द्वारा लगाए गए किसी भी प्रकार के आरोप को “निराधार, बेबुनियाद और निरर्थक” करार दिया। बयान में कहा गया कि पाकिस्तान अपनी सामाजिक और सुरक्षा संबंधी समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए बार-बार बाहरी देशों को दोषी ठहराता रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
- मृतक संख्या: कम से कम 31 लोग
- घटना स्थल: इस्लामाबाद की एक मस्जिद
- हमले का तरीका: गोलीबारी के बाद आत्मघाती विस्फोट
- जिम्मेदारी: इस्लामिक स्टेट ने ली
पाकिस्तान में बढ़ती आतंकी घटनाएं
अधिकारियों के अनुसार, हमलावर ने पहले मस्जिद के गेट पर गोलीबारी की और फिर खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। यह बीते एक दशक में इस्लामाबाद में हुआ सबसे घातक आतंकी हमला माना जा रहा है। इससे पहले 11 नवंबर को हुए आत्मघाती हमले में 12 लोगों की मौत और 27 लोग घायल हुए थे।
निष्कर्ष
इस्लामाबाद में हुआ यह आतंकी हमला पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में प्रतिबद्ध है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पाकिस्तान अपनी आंतरिक समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुलझाएगा, तब तक ऐसे हमलों पर प्रभावी रोक लगाना मुश्किल होगा।
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