लक्ज़मबर्ग / नई दिल्ली | वेब वार्ता
भारत ने वेनेजुएला में तेजी से बदलते राजनीतिक और सुरक्षा हालात पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से संवाद और शांतिपूर्ण समाधान अपनाने का आह्वान किया है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत का प्राथमिक सरोकार वेनेजुएला के आम नागरिकों की सुरक्षा, स्थिरता और कल्याण से जुड़ा हुआ है।
लक्ज़मबर्ग के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री जेवियर बेटटेल के साथ द्विपक्षीय बातचीत के दौरान डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत वेनेजुएला के हालिया घटनाक्रम को लेकर “वास्तव में चिंतित” है और इस संकट का समाधान टकराव के बजाय संवाद से निकाला जाना चाहिए।
भारत का स्पष्ट संदेश: टकराव नहीं, बातचीत से समाधान
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत और वेनेजुएला के बीच लंबे समय से ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। ऐसे में भारत चाहता है कि वेनेजुएला में उत्पन्न संकट का हल ऐसा हो, जो वहां के लोगों के हित, सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखकर निकाला जाए।
उन्होंने कहा कि:
“सभी संबंधित पक्षों और हितधारकों को एक साथ बैठकर बातचीत करनी चाहिए और ऐसी स्थिति तक पहुंचना चाहिए, जिससे वेनेजुएला के लोगों को स्थायित्व और सुरक्षा मिल सके।”
विदेश मंत्रालय का बयान: शांतिपूर्ण संवाद ही एकमात्र रास्ता
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर वेनेजुएला की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। मंत्रालय ने कहा कि:
भारत वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है
संकट का समाधान बातचीत और शांतिपूर्ण माध्यमों से ही संभव है
किसी भी तरह की हिंसा या सैन्य कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं
विदेश मंत्रालय ने इस बात पर भी जोर दिया कि क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए संयम और संवाद बेहद जरूरी है।
भारतीय नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी
वेनेजुएला में अस्थिर हालात को देखते हुए भारत सरकार ने वहां मौजूद या जाने की योजना बना रहे भारतीय नागरिकों के लिए यात्रा परामर्श (Travel Advisory) भी जारी की है।
विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि:
वेनेजुएला की गैर-जरूरी यात्रा से बचें
पहले से वहां मौजूद भारतीय नागरिक काराकस स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क बनाए रखें
स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें
अमेरिकी कार्रवाई के बाद हालात और जटिल
गौरतलब है कि वेनेजुएला की स्थिति उस समय और अधिक गंभीर हो गई, जब हाल ही में एक अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में अमेरिकी हिरासत में लिया गया।
अमेरिकी एजेंसियों ने मादुरो दंपति पर:
नार्को-टेररिज्म
अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी
हथियारों की अवैध आपूर्ति
जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
हालांकि, राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया है।
वैश्विक असर और भारत की संतुलित कूटनीति
वेनेजुएला संकट का असर केवल लैटिन अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके वैश्विक राजनीतिक और ऊर्जा बाजारों पर भी दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं। ऐसे में भारत ने संतुलित और जिम्मेदार कूटनीति अपनाते हुए:
न तो किसी सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया
न ही किसी पक्ष का खुला राजनीतिक समर्थन
बल्कि मानवीय दृष्टिकोण और शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया है।
निष्कर्ष: नागरिकों का हित सर्वोपरि
भारत का रुख साफ है—
वेनेजुएला का भविष्य बंदूक या प्रतिबंधों से नहीं, बल्कि संवाद, सहमति और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से तय होना चाहिए।
भारत ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि वैश्विक संकटों में उसकी प्राथमिकता मानव सुरक्षा और शांति ही रहेगी।
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