बीजिंग, (वेब वार्ता)। क्या आपने कभी सोचा कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेता अपनी निजी बातचीत में क्या चर्चा करते हैं? बीजिंग में हाल ही में आयोजित एक भव्य सैन्य परेड के दौरान, एक हॉट माइक ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ऐसी ही एक गोपनीय बातचीत को दुनिया के सामने ला दिया। दोनों नेता अंग प्रत्यारोपण और अमरता जैसे हैरान करने वाले विषयों पर विचार-विमर्श करते पकड़े गए। क्या यह केवल एक जिज्ञासु बातचीत थी, या भविष्य की कोई बड़ी योजना का संकेत?
यह चौंकाने वाला पल तब कैद हुआ, जब शी जिनपिंग, पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन, द्वितीय विश्व युद्ध की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में तियानमेन स्क्वायर से गुजर रहे थे। चीनी सरकारी टीवी चैनल के लाइव प्रसारण ने अनजाने में इस निजी चर्चा को उजागर कर दिया।
🚨 हॉट माइक लीक! बीजिंग परेड में शी जिनपिंग और पुतिन की गोपनीय बातचीत: अंग प्रत्यारोपण से अमरता और 150 साल जीने की चर्चा। क्या है इसका मतलब? ट्रंप ने लगाया साजिश का आरोप! 😱 #XiPutinLeak #ImmortalityTalk #BeijingParade2025pic.twitter.com/guC0xnteGa
— Webvarta News Agency (@webvarta) September 4, 2025
अमरता का सपना: नेताओं की गुप्त बातचीत
इस बातचीत में पुतिन के मंदारिन अनुवादक को कहते सुना गया: “जैव प्रौद्योगिकी की प्रगति के साथ, मानव अंगों का बार-बार प्रत्यारोपण संभव है। लोग न केवल जवां रह सकते हैं, बल्कि शायद अमरता भी हासिल कर सकते हैं।”
इसके जवाब में, शी के रूसी अनुवादक ने जोड़ा: “ऐसा अनुमान है कि इस सदी में लोग 150 साल तक जी सकते हैं।”
यह सुनकर कौन हैरान नहीं होगा? शी जिनपिंग, जो 13 साल से चीन की सत्ता संभाल रहे हैं, और पुतिन, जो 25 साल से रूस के शीर्ष पर काबिज हैं, क्या वाकई अमरता जैसे विचारों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं? दोनों नेताओं ने कभी सत्ता छोड़ने का इरादा नहीं जताया, और यह बातचीत उनकी दीर्घायु और सत्ता बनाए रखने की गहरी इच्छा को दर्शाती है।
रूसी समाचार एजेंसी तास ने बाद में पुतिन के हवाले से बताया: “आधुनिक चिकित्सा और अंग प्रत्यारोपण की सर्जिकल तकनीकें इंसानों को पहले की तुलना में कहीं अधिक लंबा और सक्रिय जीवन जीने की उम्मीद देती हैं।” क्या यह केवल वैज्ञानिक उत्सुकता है, या सत्ता और जीवन को अनंत तक ले जाने की महत्वाकांक्षा?
सैन्य परेड: शक्ति और संदेश का प्रदर्शन
यह घटना उस समय हुई, जब चीन अपनी सैन्य ताकत का शानदार प्रदर्शन कर रहा था। परेड में परमाणु मिसाइलों सहित अत्याधुनिक हथियारों का अनावरण हुआ, जो वैश्विक स्तर पर चीन की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। शी जिनपिंग ने इसे शांति और युद्ध के बीच एक विकल्प के रूप में पेश किया।
इस परेड में पुतिन और किम जोंग उन के साथ-साथ ईरान, पाकिस्तान, वियतनाम और जिम्बाब्वे जैसे देशों के 24 गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। यह पहली बार था जब चीन, रूस और उत्तर कोरिया के नेता एक साथ सार्वजनिक मंच पर दिखे। कई विशेषज्ञों ने इसे पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका, के लिए एक सशक्त संदेश माना।
ट्रंप का तीखा हमला

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा: “शी जिनपिंग, कृपया व्लादिमीर पुतिन और किम जोंग उन को मेरी शुभकामनाएं दें, क्योंकि आप अमेरिका के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।” ट्रंप का यह बयान इस परेड और नेताओं की एकजुटता को लेकर उनके संदेह को दर्शाता है।
क्या है इस बातचीत का असली मतलब?
यह हॉट माइक लीक न केवल वैश्विक राजनीति में नए गठजोड़ों की ओर इशारा करता है, बल्कि जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर भी सवाल उठाता है। क्या अंग प्रत्यारोपण और जैव प्रौद्योगिकी वाकई इंसानों को 150 साल तक जीने या अमरता की ओर ले जा सकती है? और क्या यह चर्चा केवल वैज्ञानिक जिज्ञासा है, या सत्ता में बने रहने की गहरी इच्छा का प्रतीक?
जैव प्रौद्योगिकी में हो रही प्रगति, जैसे स्टेम सेल थेरेपी और जेनेटिक इंजीनियरिंग, निश्चित रूप से जीवन प्रत्याशा को बढ़ा रही है। लेकिन अमरता जैसे विचार अभी भी विज्ञान कथा की तरह लगते हैं। फिर भी, दुनिया के सबसे प्रभावशाली नेताओं की इस चर्चा ने न केवल उनकी महत्वाकांक्षाओं को उजागर किया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर नैतिक और वैज्ञानिक बहस को भी हवा दे दी है।
आप क्या सोचते हैं? क्या यह केवल एक निजी बातचीत थी, या भविष्य की किसी बड़ी योजना का संकेत?




