बर्लिन, अंतरराष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
जर्मनी के कई प्रमुख शहरों में मंगलवार शाम हजारों लोग कुर्द समर्थक प्रदर्शनों में शामिल हुए। ये प्रदर्शन सीरिया में कुर्द बलों और सरकारी सेना के बीच चल रही झड़पों के विरोध में आयोजित किए गए। फ्रैंकफर्ट, डॉर्टमुंड, ब्रेमेन, स्टटगार्ट, हनोवर, आचेन और डसेलडोर्फ जैसे शहरों में प्रदर्शनकारियों की बड़ी भीड़ देखी गई।
फ्रैंकफर्ट और डॉर्टमुंड में सबसे ज्यादा भीड़
पुलिस के अनुसार, फ्रैंकफर्ट में सबसे बड़ा प्रदर्शन हुआ, जिसमें लगभग 5,000 लोग शामिल थे। वहीं, पश्चिमी जर्मनी के शहर डॉर्टमुंड में करीब 4,000 प्रदर्शनकारी जुटे। पुलिस ने बताया कि अधिकांश प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन डॉर्टमुंड में सीमा पर कुछ झड़पें हुईं और आतिशबाज़ी की घटनाएं दर्ज की गईं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश भी की, जिसके बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
स्टटगार्ट और हनोवर में तनाव, पुलिस ने किया हस्तक्षेप
स्टटगार्ट में लगभग 2,000 लोगों ने प्रदर्शन में भाग लिया। जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बोतलें और पटाखे फेंके, तो अधिकारियों ने काली मिर्च स्प्रे का उपयोग करते हुए भीड़ को तितर-बितर कर दिया। हनोवर में करीब 1,600 लोगों ने मार्च में भाग लिया, लेकिन वहां भी माहौल तनावपूर्ण रहा और पुलिस ने लगभग दो घंटे बाद प्रदर्शन समाप्त करवा दिया।
अन्य शहरों जैसे ब्रेमेन, आचेन, डसेलडोर्फ और म्युनस्टर में भी कुर्द समर्थकों ने रैलियां निकालीं। पुलिस ने कहा कि सभी शहरों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी।
जर्मनी में बड़ी कुर्द आबादी
जर्मनी में अनुमानित 13 लाख (1.3 मिलियन) कुर्द रहते हैं। इनमें से अधिकांश की उत्पत्ति तुर्की से है, जबकि कुछ सीरिया, इराक और ईरान से आए प्रवासी हैं। कुर्द समुदाय लंबे समय से जर्मनी में राजनीतिक रूप से सक्रिय है और सीरिया तथा तुर्की में कुर्दों के अधिकारों के समर्थन में आवाज उठाता रहा है।
सीरिया में झड़पों पर वैश्विक प्रतिक्रिया
ये प्रदर्शन उस समय हो रहे हैं जब सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्स (SDF) और सीरियाई सरकारी सेना के बीच झड़पें तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकारी सैनिक उन इलाकों में आगे बढ़ रहे हैं जो वर्षों से SDF के नियंत्रण में थे। यह संघर्ष पूर्व सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन के बाद कुर्द-प्रशासित इलाकों के एकीकरण को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा है।
मंगलवार शाम सीरियाई सरकार और एसडीएफ ने एक नए चार दिन के युद्धविराम पर सहमति जताई है, जिससे फिलहाल स्थिति नियंत्रण में रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
- फ्रैंकफर्ट में 5,000 और डॉर्टमुंड में 4,000 लोगों ने हिस्सा लिया।
- स्टटगार्ट और हनोवर में पुलिस व प्रदर्शनकारियों में झड़पें हुईं।
- प्रदर्शन सीरिया में कुर्द बलों और सरकारी सेना के बीच संघर्ष के विरोध में हुए।
विशेषज्ञों का कहना है कि सीरिया में बढ़ते तनाव का असर जर्मनी में रहने वाले कुर्द प्रवासियों के समुदाय पर भी पड़ रहा है। जर्मन सरकार ने सभी नागरिकों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की है और कहा है कि हिंसा की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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