बीजिंग, वेब डेस्क | वेब वार्ता
चीन के नानजिंग स्थित एक अस्पताल ने शुक्राणु दान की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए दुनिया की पहली ‘हैंड्स-फ्री’ स्वचालित मशीन का उपयोग शुरू किया है। यह मशीन हाथों के इस्तेमाल के बिना शुक्राणु निष्कासन की सुविधा देती है, जिससे दानकर्ताओं की संख्या बढ़ाने की उम्मीद है। अस्पताल का दावा है कि क़ानूनी बाधाओं और सामाजिक कलंक के कारण चीन में शुक्राणु दानकर्ताओं की भारी कमी है, जबकि बांझपन से पीड़ित जोड़ों की संख्या बढ़ रही है। यह मशीन गुलाबी, स्लेटी और सफ़ेद रंग की है, जिसमें ऊंचाई, स्पीड, तापमान और समय को समायोजित करने की सुविधा है, साथ ही एक स्क्रीन ‘मदद’ के लिए उपलब्ध है। यह कदम चीन में प्रजनन स्वास्थ्य संकट को दूर करने का प्रयास है।
मशीन का विस्तृत विवरण और कार्यप्रणाली
इस स्वचालित मशीन में सामने की ओर एक मालिश करने वाली नली लगी है, जिसे दानकर्ता की ऊंचाई के अनुसार ऊपर-नीचे किया जा सकता है। मालिश की स्पीड, अवधि और तापमान को नियंत्रित करने की सुविधा है, ताकि प्रक्रिया आरामदायक हो। मशीन में एक स्क्रीन भी है, जो दानकर्ता को ‘मदद’ प्रदान करती है। डॉक्टर जू जूयोशिन के अनुसार, यह उन लोगों के लिए उपयोगी है जो पारंपरिक तरीके से दान देने में असहज महसूस करते हैं। मशीन की अनुमानित कीमत 2800 डॉलर बताई गई है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। अस्पताल का कहना है कि इससे दानकर्ताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
चीन में शुक्राणु दान की प्रक्रिया सामाजिक और क़ानूनी चुनौतियों से जूझ रही है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, पारंपरिक मान्यताओं और कानूनी प्रतिबंधों के कारण दानकर्ता बहुत कम हैं, जबकि बांझपन से प्रभावित जोड़ों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह मशीन इसी कमी को दूर करने का प्रयास है।
प्रशासनिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
अस्पताल ने मशीन को प्रजनन स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित किया है, जहां दानकर्ताओं की गोपनीयता और आराम पर विशेष ध्यान दिया गया है। चीन सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने इस तरह की तकनीकी पहल का स्वागत किया है, क्योंकि देश में प्रजनन दर गिर रही है और सहायक प्रजनन तकनीकों की मांग बढ़ रही है। हालांकि, सामाजिक स्तर पर अभी भी शुक्राणु दान को लेकर कलंक मौजूद है, जिसे दूर करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी मशीनें दान प्रक्रिया को सरल बनाकर दानकर्ताओं की संख्या बढ़ा सकती हैं, लेकिन साथ ही गोपनीयता, नैतिकता और स्वास्थ्य सुरक्षा पर सख्त निगरानी जरूरी है।
- मशीन में समायोज्य नली और स्क्रीन की सुविधा।
- कीमत: अनुमानित 2800 डॉलर।
- उद्देश्य: दानकर्ताओं की संख्या बढ़ाना और प्रजनन स्वास्थ्य संकट दूर करना।
- चुनौती: सामाजिक कलंक और क़ानूनी बाधाएं।
भविष्य की संभावनाएं और जनता के लिए संदेश
अस्पताल ने अन्य शहरों में भी ऐसी मशीनें लगाने की योजना बनाई है। यह तकनीक प्रजनन स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति ला सकती है, खासकर उन देशों में जहां दानकर्ताओं की कमी है। जनता के लिए संदेश है कि शुक्राणु दान एक सामाजिक जिम्मेदारी है और कलंक को दूर करके बांझपन से पीड़ित जोड़ों की मदद की जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि गोपनीयता और नैतिक मानकों के साथ ऐसी तकनीकों को अपनाना चाहिए।
भविष्य में ऐसी मशीनें अन्य अस्पतालों में उपलब्ध होंगी, जो प्रजनन दर बढ़ाने में सहायक साबित होंगी।
निष्कर्ष
चीन में ‘हैंड्स-फ्री’ शुक्राणु दान मशीन का उपयोग एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सामाजिक कलंक और क़ानूनी चुनौतियों के बीच प्रजनन स्वास्थ्य संकट को दूर करने का प्रयास है। यह तकनीक दान प्रक्रिया को सरल और आरामदायक बनाकर दानकर्ताओं की संख्या बढ़ा सकती है। लोकतांत्रिक समाज में स्वास्थ्य सेवाओं को सभी के लिए सुलभ बनाना आवश्यक है, और ऐसी नवाचार सामाजिक न्याय और परिवार कल्याण की दिशा में योगदान देंगे।
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