आर्मेनिया दौरे पर CDS अनिल चौहान, रक्षा-सुरक्षा सहयोग पर उच्चस्तरीय वार्ता

नई दिल्ली, अंतर्राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता

भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान इन दिनों चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर आर्मेनिया में हैं। इस यात्रा के दौरान भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा, सुरक्षा सहयोग और क्षेत्रीय रणनीतिक हालात को लेकर उच्चस्तरीय वार्ताएं की जा रही हैं। दोनों देशों ने आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने पर जोर दिया है।

उप विदेश मंत्री से हुई द्विपक्षीय चर्चा

जनरल अनिल चौहान ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ आर्मेनिया के उप विदेश मंत्री रॉबर्ट अबिसोगोमोनियन से मुलाकात की। इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य, वैश्विक चुनौतियों और द्विपक्षीय हितों से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

रक्षा नेतृत्व के साथ बैठकें

अपनी यात्रा के दौरान CDS ने आर्मेनिया के रक्षा मंत्री सुरेन पापक्यान और अर्मेनियाई सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रियान से भी मुलाकात की। इन बैठकों में रक्षा सहयोग के मौजूदा ढांचे की समीक्षा की गई और भविष्य में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

मुख्य बैठकों का विवरण

पदनामचर्चा के प्रमुख विषय
उप विदेश मंत्रीरॉबर्ट अबिसोगोमोनियनक्षेत्रीय सुरक्षा, द्विपक्षीय मुद्दे
रक्षा मंत्रीसुरेन पापक्यानभारत-आर्मेनिया रक्षा सहयोग
चीफ ऑफ जनरल स्टाफलेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रियानसैन्य समन्वय और रणनीतिक साझेदारी

नरसंहार स्मारक में श्रद्धांजलि

अपनी यात्रा के दौरान जनरल अनिल चौहान ने अर्मेनियाई नरसंहार स्मारक पहुंचकर 15 लाख पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह कदम भारत की ओर से मानवीय संवेदना और ऐतिहासिक स्मृतियों के प्रति सम्मान को दर्शाता है।

भारत-आर्मेनिया संबंधों का महत्व

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, जनरल चौहान की यह यात्रा भारत-आर्मेनिया के साझा रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे दोनों देशों के बीच रक्षा-सुरक्षा सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

निष्कर्ष

CDS जनरल अनिल चौहान की आर्मेनिया यात्रा भारत की बहुपक्षीय रक्षा कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है। उच्चस्तरीय बैठकों और संवाद के माध्यम से दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी को और सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस पहल की गई है।

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