ब्रिटेन सितंबर में कर सकता है फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता, इजरायल को चेतावनी

लंदन से बड़ी कूटनीतिक खबर:

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और विदेश सचिव डेविड लैमी ने दिए संकेत, इजरायल को गाजा संकट पर सुधार की चेतावनी

लंदन, (वेब वार्ता)। ब्रिटेन ने संकेत दिया है कि वह सितंबर 2025 में फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है। डाउनिंग स्ट्रीट से जारी एक बयान में कहा गया कि यदि इजरायल गाजा में मानवीय संकट को कम करने के लिए ठोस और स्पष्ट कार्रवाई नहीं करता, तो ब्रिटेन फिलिस्तीनी राज्य को औपचारिक मान्यता देने के लिए बाध्य होगा।


📌 ब्रिटेन की मांगें:

डाउनिंग स्ट्रीट ने अपने बयान में इजरायल से तीन प्रमुख मांगें की हैं:

  1. संयुक्त राष्ट्र को गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाने की अनुमति देना।

  2. स्थायी युद्धविराम पर सहमत होना।

  3. वेस्ट बैंक (पश्चिमी तट) पर सैन्य कब्जे को समाप्त करने की गारंटी देना।

इसके अलावा, हमास से भी अपील की गई है कि वह अपने कब्जे में मौजूद सभी बंधकों को तत्काल रिहा करे।


🗣️ ब्रिटिश पीएम का स्पष्ट रुख

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने लंदन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा:

“फिलिस्तीन को मान्यता देना ब्रिटेन का अंतिम लक्ष्य नहीं है, बल्कि जमीनी हकीकत को बदलना हमारी प्राथमिकता है।”
उन्होंने आगे कहा:
“मैं खास तौर पर चिंतित हूं कि दो-राज्य समाधान का सपना अब तेजी से धुंधला होता जा रहा है, और आज यह पहले से कहीं अधिक दूर लग रहा है।”


🧭 ब्रिटिश विदेश सचिव की मुखर टिप्पणी

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय सम्मेलन में विदेश सचिव डेविड लैमी ने दो-टूक कहा:

“इजरायल को अपनी सुरक्षित सीमाओं के भीतर शांतिपूर्वक जीने का अधिकार है, लेकिन फिलिस्तीनियों को भी सम्मान, सुरक्षा और आज़ादी के साथ जीने का हक है।”

उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए जोड़ा:

“हमने गाजा में बच्चों पर गोली चलाए जाने जैसे भयावह दृश्य देखे हैं, जो पूरी मानवता के लिए शर्मनाक हैं। यह वक्त निर्णायक कार्रवाई का है।”


🧾 राजनीतिक समर्थन और जनदबाव

ब्रिटेन में नौ प्रमुख राजनीतिक दलों के 200 से अधिक सांसदों ने प्रधानमंत्री और विदेश सचिव को पत्र लिखकर सरकार से आग्रह किया है कि वह फिलिस्तीन को औपचारिक मान्यता देने की दिशा में जल्द निर्णय ले।


🌐 द्वि-राज्य समाधान की उम्मीद

ब्रिटेन की सरकार इस पहल के माध्यम से इजरायल और फिलिस्तीन के बीच स्थायी समाधान का रास्ता खोलने की कोशिश कर रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि ब्रिटेन ऐसा करता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी इस दिशा में प्रेरित करेगा।

🧾 निष्कर्ष:

ब्रिटेन द्वारा फिलिस्तीन को मान्यता देने का यह संभावित निर्णय मध्य पूर्व में शांति की दिशा में एक ऐतिहासिक मोड़ बन सकता है। अब यह देखना बाकी है कि इजरायल अंतरराष्ट्रीय दबाव को किस तरह से जवाब देता है और क्या यह कदम वाकई दो-राज्य समाधान को फिर से जीवित कर पाएगा।

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