ढाका/गाजीपुर, अंतरराष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
बांग्लादेश से एक और हिंदू व्यवसायी की हत्या का मामला सामने आया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजीपुर जिले के कालीगंज इलाके में केले को लेकर हुए विवाद के बाद एक हिंदू होटल और मिठाई व्यवसायी को तीन लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला। इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने हत्या में शामिल तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
केले के गुच्छे से शुरू हुआ विवाद, हत्या पर जाकर खत्म
स्थानीय पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार को हुई जब आरोपी मासूम मियां नामक युवक ने देखा कि उसके केले के बागान का एक गुच्छा गायब है। तलाश करते हुए वह लिटन चंद्र घोष (55) के होटल पहुँचा, जहाँ उसे वही केले दिखाई दिए। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हुई जो धीरे-धीरे हिंसक झगड़े में बदल गई।
पुलिस ने बताया कि मासूम ने लिटन को लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा। गंभीर चोट लगने से लिटन वहीं जमीन पर गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों को किया गिरफ्तार
कालीगंज पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी जाकिर हुसैन ने बताया कि हत्या में शामिल तीन लोगों – स्वपन मियां (55), उसकी पत्नी माजेदा खातून (45) और बेटा मासूम मियां (28) – को गिरफ्तार कर लिया गया है।
तीनों आरोपी एक ही परिवार के सदस्य हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह भी देख रही है कि क्या इस घटना का संबंध हाल ही में बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसा से है या नहीं।
पीड़ित का परिवार बोला – झगड़ा मामूली था, बाद में बढ़ गया
मृतक के परिवार के अनुसार, मासूम सुबह करीब 11 बजे लिटन के होटल आया था। शुरुआत में उसका होटल के एक कर्मचारी से मामूली झगड़ा हुआ। इसके बाद मासूम के माता-पिता भी वहां पहुँच गए और विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। परिवार का कहना है कि झगड़े के दौरान तीनों ने लिटन पर हमला कर दिया जिससे उसकी जान चली गई।
लिटन चंद्र घोष गाजीपुर स्थित बैशाखी स्वीटमीट एंड होटल के मालिक थे और इलाके में एक सम्मानित व्यवसायी माने जाते थे। उनकी अचानक हुई हत्या से हिंदू समुदाय में आक्रोश और भय का माहौल है।
- गाजीपुर के कालीगंज इलाके में हिंदू व्यवसायी लिटन चंद्र घोष की हत्या।
- केले के विवाद में हुई झड़प के बाद आरोपी परिवार ने की पिटाई।
- पुलिस ने तीनों आरोपियों – पति, पत्नी और बेटे – को किया गिरफ्तार।
- पुलिस जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या यह घटना सांप्रदायिक हिंसा से जुड़ी है।
बांग्लादेश में हाल के महीनों में हिंदू समुदाय से जुड़े लोगों पर लगातार हमलों की घटनाएँ सामने आ रही हैं। गाजीपुर की यह घटना भी उसी सिलसिले में एक और चिंताजनक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने और इलाके में शांति व्यवस्था कायम रखने के निर्देश दिए हैं।







