बांग्लादेश : रेप के एक हफ्ते बाद 8 वर्षीय पीड़िता ने अस्पताल में तोड़ा दम

ढाका, (वेब वार्ता)। बांग्लादेश की राजधानी ढाका के संयुक्त सैन्य अस्पताल (सीएमएच) में एक सप्ताह तक जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद आठ वर्षीय बलात्कार पीड़िता ने गुरुवार को दम तोड़ दिया। इस घटना के देश को झकझोर कर रख दिया था और इंसाफ की मांग को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे।

प्रमुख बांग्लादेशी समाचार पत्र द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने बताया दोपहर करीब 1 बजे सीएमएच में बच्ची की मृत्यु हो गई।

अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के कार्यालय के अनुसार, गुरुवार की सुबह सीएमएच के बाल चिकित्सा गहन चिकित्सा इकाई (पीआईसीयू) में जीवन रक्षक प्रणाली पर रहने के दौरान बच्ची को कई बार कार्डियक अरेस्ट हुआ।

बयान में कहा गया कि बच्ची को गुरुवार सुबह तीन बार कार्डियक अरेस्ट हुआ – हालांकि डॉक्टरों ने दो बार उसे स्थिर कर दिया, लेकिन तीसरे के बाद उसकी नाड़ी वापस नहीं आई।

बच्ची को 8 मार्च को गंभीर हालत में सीएमएच ढाका में भर्ती कराया गया था।

मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और संबंधित अधिकारियों को अपराधियों को बिना देरी किए न्याय के दायरे में लाने का निर्देश दिया है।

8 मार्च को पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराए गए मामले के अनुसार, लड़की के साथ उस समय बलात्कार किया गया जब वह मगुरा शहर में अपनी बड़ी बहन के घर गई हुई थी।

आरोप है कि बहन के ससुर ने इस अपराध को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक बहन के पति ने कथित तौर पर अपराध में सहयोग किया। उन्होंने बताया कि बलात्कारी की पत्नी और बड़े बेटे को भी घटना की जानकारी थी और बाद में उन्होंने इसे छुपाने के लिए बच्ची को मारने का भी प्रयास किया। पीड़िता के बहन के पति, सास-ससुर और देवर को गिरफ्तार कर रिमांड पर रखा गया है।

हाल के दिनों में ढाका विश्वविद्यालय, नॉर्थ साउथ विश्वविद्यालय, इंडिपेंडेंट यूनिवर्सिटी, बांग्लादेश और राजशाही विश्वविद्यालय सहित देश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कई छात्रों और शिक्षकों ने मगुरा में आठ वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार की घटना सहित बढ़ती बलात्कार की घटनाओं के खिलाफ प्रदर्शन किया और अपराधियों के लिए कठोर सजा की मांग की।

महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने में अंतरिम सरकार की नाकामी से जनाता में भारी आक्रोश है। कई लोगों ने गृह मामलों के सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी के इस्तीफे की मांग की और यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को देश भर में कानून और व्यवस्था की स्थिति को खराब करने के लिए जिम्मेदार ठहराया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

Latest

More articles