सिद्धार्थनगर, सन्दीप पाण्डेय | वेब वार्ता
सिद्धार्थनगर फिल्म विवाद के तहत 23 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद में फिल्म “यादव जी की लव स्टोरी” के विरोध में यादव समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। कौन – यादव समाज के लोग, क्या – Film Protest & Memorandum Submission, कब – 23 फरवरी 2026, कहां – कलेक्ट्रेट परिसर, सिद्धार्थनगर, क्यों – समाज की छवि धूमिल करने का आरोप, कैसे – नारेबाजी, ज्ञापन और चेतावनी के जरिए। इस Siddharthnagar Film Protest से जिले में सामाजिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
कलेक्ट्रेट परिसर में उमड़ा आक्रोश, जमकर हुई नारेबाजी
फिल्म “यादव जी की लव स्टोरी” को लेकर यादव समाज में भारी आक्रोश देखा गया। मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि फिल्म के माध्यम से समाज को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है।
प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन, प्रतिबंध की मांग
प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। ज्ञापन में फिल्म के प्रदर्शन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
- फिल्म “यादव जी की लव स्टोरी” पर तत्काल प्रतिबंध
- समाज की छवि से जुड़े आपत्तिजनक दृश्यों को हटाना
- निर्माता और वितरकों पर कार्रवाई
- भविष्य में ऐसी फिल्मों पर सख्त निगरानी
यह सीएम योगी सरकार के तहत सामाजिक संतुलन बनाए रखने की नीति के अनुरूप एक गंभीर मामला माना जा रहा है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी, जंतर-मंतर तक प्रदर्शन का संकेत
कुछ प्रदर्शनकारियों ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि फिल्म का प्रदर्शन सिनेमाघरों में किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को जंतर-मंतर तक ले जाया जाएगा और राष्ट्रव्यापी विरोध दर्ज कराया जाएगा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की प्रक्रिया
प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त कर मामले की गंभीरता से जांच करने का आश्वासन दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की समीक्षा के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि जिले में शांति व्यवस्था बनी रहे।
सामाजिक सौहार्द और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में सामाजिक भावनाओं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होता है।
सिद्धार्थनगर फिल्म विवाद से यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक और सामाजिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना आवश्यक है।
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