कबीर खान, इम्तियाज अली, ओनिर की ‘माई मेलबर्न’ का ट्रेलर आउट, दिखी 4 कहानी की दमदार झलक

मुंबई, (वेब वार्ता)। नस्ल, लिंग भेद और विकलांगता जैसे प्रासंगिक विषयों पर बनी फिल्म ‘माई मेलबर्न’ का ट्रेलर सोमवार को जारी हो चुका है। कबीर खान, इम्तियाज अली, ओनिर और रीमा दास की चार दमदार कहानियों से सजी ‘माई मेलबर्न’ के ट्रेलर में चारों निर्देशकों की कहानी की एक अलग अंदाज में झलक दिखी।

मेलबर्न में सेट की गई चार दमदार और मनोरंजक कहानियों से सजी फिल्म का ट्रेलर विचारों से भरी कहानियों की एक झलक पेश करता है। ‘माई मेलबर्न’ चार किरदारों के जीवन सफर पर रोशनी डालती है, जिनमें से प्रत्येक अपने व्यक्तिगत संघर्षों से जूझता है।

भारत में यह फिल्म 14 मार्च, 2025 को रिलीज होगी, जिसके लिए चार भारतीय फिल्म निर्माताओं- कबीर खान, इम्तियाज अली, रीमा दास और ओनिर एक साथ काम के लिए आगे आए हैं।

एक सूत्र ने बताया कि ये कहानियां वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित है, जो मेलबर्न के विविध रंगों की झलक पेश करती हैं। फिल्म की कहानी में जाति, लिंग, कामुकता और विकलांगता जैसे प्रासंगिक विषयों की झलक देखने को मिली, जो व्यक्तिगत और सामूहिक दोनों तरह के संघर्षों को पर्दे पर उतारती है।

‘माई मेलबर्न’ भारत भर में पीवीआर सिनेमा के सहयोग से सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार है। फिल्म में ओनिर की ‘नंदिनी’, कबीर खान की ‘सेतारा’, रीमा दास की ‘एम्मा’ और आरिफ अली के निर्देशन में इम्तियाज अली की ‘जूल्स’ भी शामिल हैं।

कबीर खान ने कहा, “कहानियों में सीमाओं से आगे निकलकर लोगों को जोड़ने की शक्ति होती है और ‘माई मेलबर्न’ ऐसी ही फिल्म है। मेरी फिल्म ‘सेतारा’ पहचान के विषय पर आधारित है, जो व्यक्तिगत होते हुए भी प्रासंगिक है। इस प्रोजेक्ट पर काम करने का अनुभव शानदार रहा है। फिल्म हिंदी, अंग्रेजी के साथ बंगाली, दारी और ऑस्ट्रेलियाई साइन लैंग्वेज समेत कई भाषाओं में प्रस्तुत की गई है।”

इम्तियाज अली ने कहा, “सिनेमा एक पुल है जो संस्कृतियों को जोड़ता है और ‘माई मेलबर्न’ इसका प्रमाण है। प्रत्येक फिल्म निर्माता ने इस एंथोलॉजी में एक अलग स्वाद लाने की कोशिश की है, जिससे यह एक भावना और विचारों से भरी यात्रा बन गई है।“

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