मुंबई, 08 अप्रैल (वेब वार्ता)। बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म ‘धुरंधर: दर रिवेंज’ को लेकर चल रहे विवाद में फिल्ममेकर संतोष कुमार को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए निर्देश दिया है कि संतोष कुमार अगली सुनवाई तक फिल्म की पटकथा को लेकर कोई भी आरोप सार्वजनिक रूप से नहीं लगाएंगे।
यह आदेश न्यायमूर्ति आरिफ एस डॉक्टर की पीठ ने फिल्म के लेखक-निर्देशक आदित्य धर की याचिका पर सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि 16 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार के मानहानिकारक बयान देने पर रोक रहेगी।
प्रेस वार्ता से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा मामला फिल्म के प्रदर्शन के बाद आयोजित एक प्रेस वार्ता से जुड़ा है। इस दौरान फिल्ममेकर संतोष कुमार ने आरोप लगाया था कि आदित्य धर और उनकी टीम ने उनकी पंजीकृत पटकथा ‘डी साहेब’ की नकल की है।
इन आरोपों को आदित्य धर ने निराधार बताते हुए अदालत का रुख किया और मानहानि का मामला दर्ज कराया।
अदालत में रखे गए तर्क
आदित्य धर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बीरेंद्र सराफ ने अदालत में दलील दी कि संतोष कुमार के बयान पूरी तरह आधारहीन हैं और इससे उनके मुवक्किल की प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंच रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को शिकायत थी तो वह कानूनी माध्यम से अपनी बात रख सकता था, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर इस प्रकार के आरोप लगाना उचित नहीं है।
अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि याचिकाकर्ता ने अंतरिम राहत पाने के लिए पर्याप्त आधार प्रस्तुत किए हैं। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि नोटिस दिए जाने के बावजूद संतोष कुमार अदालत में उपस्थित नहीं हुए।
सामाजिक माध्यमों पर बढ़ा प्रभाव
अदालत ने यह भी माना कि संतोष कुमार के बयान सामाजिक माध्यमों और अन्य मंचों पर व्यापक रूप से प्रसारित हुए, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई। इसी को ध्यान में रखते हुए अदालत ने सीमित अंतरिम राहत देने का निर्णय लिया।
अगली सुनवाई पर टिकी नजर
अदालत ने स्पष्ट किया है कि 16 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई में संतोष कुमार का पक्ष सुना जाएगा। इसके बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल अदालत के इस आदेश से आदित्य धर को अंतरिम राहत मिली है और विवादित बयानों पर रोक लग गई है।



