मुंबई, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता
ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। रहमान ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें अपेक्षाकृत कम काम मिला, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने 2019 से 2025 के बीच 20 से 30 फिल्मों में संगीत दिया। उन्होंने कहा कि यह सब उन्होंने इसलिए किया ताकि नई पीढ़ी के सामने खुद को फिर से साबित कर सकें।
“लोग कहते थे आपने रोज़ा जैसा म्यूजिक नहीं दिया” – रहमान का दर्द
The Hollywood Reporter (THR) से बातचीत में एआर रहमान ने कहा – “पिछले छह सालों में, जब लोग मुझसे मिलते हैं तो 90 के दशक वाले लोग मेरे संगीत को लेकर नॉस्टैल्जिक हो जाते हैं। लेकिन जब कोई कह देता है कि ‘सर, आपने रोज़ा में जैसा संगीत दिया था’, तो इसका मतलब ये निकलता है कि शायद अब मैं वैसा काम नहीं कर पा रहा। कभी-कभी ऐसी बातें आपके आत्मविश्वास को हिला देती हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “लोगों ने मुझे कमजोर महसूस कराया और मेरे दो ऑस्कर भी मेरे लिए बोझ बन गए।”
दो ऑस्कर के बाद भी साबित करने की जिद
रहमान ने बताया कि उन्होंने लगातार काम इसलिए किया ताकि नई पीढ़ी के सामने अपनी काबिलियत दिखा सकें। “अब जो भी निर्देशक मेरे पास आते हैं, वे मणिरत्नम सर की ‘ठग लाइफ’ या मेरी हाल की फिल्मों का हवाला देते हैं। इससे मुझे संतोष होता है कि लोग मेरे हाल के काम को भी उतना ही सराह रहे हैं।”
‘मॉडर्न रहमान’ – प्रयोगों का नया दौर
रहमान ने कहा – “ये मेरा नया रूप है, मॉडर्न रहमान। समय बदल रहा है, तो मुझे भी अपने संगीत को आधुनिक बनाना होगा। पुराने फॉर्मूलों को छोड़कर नए प्रयोग करना ज़रूरी है। जो संगीत मुझे पसंद आता है, वही मैं बनाता हूं। अगर फेल भी हो जाऊं तो कोई बात नहीं, क्योंकि सीखना कभी रुकना नहीं चाहिए।”
उन्होंने कहा कि वह हमेशा कुछ नया सीखते हैं, कुछ पुराना छोड़ते हैं और नए विचारों पर काम करते हैं — यही उनके संगीत का मूल मंत्र है।
2019 से 2025 के बीच एआर रहमान की प्रमुख फिल्में
रहमान ने इस अवधि में कई भाषाओं की फिल्मों में संगीत दिया।
- हॉलीवुड: Blinded by the Light
- तमिल: सरवम थाला मयम, बिगिल, इराविन निजल, कोबरा, वेंधु थनिंधधु काडु, पोन्नियिन सेलवन (भाग 1 और 2), पाथु थाला, मामन्नन, आयलान, लाल सलाम, रायन, कदलिक्का नेरामिल्लई, ठग लाइफ
- हिंदी: शिकारा, 99 सॉन्ग्स, दिल बेचारा, मिमी, अतरंगी रे, हीरोपंती 2, तेरे इश्क में
- मलयालम: मलयंकुंजू
नई पीढ़ी के लिए मिसाल बने रहमान
ए.आर. रहमान का यह खुलासा दिखाता है कि सफलता के बाद भी एक कलाकार को खुद को साबित करने की निरंतर आवश्यकता होती है। दो ऑस्कर जीतने के बावजूद रहमान ने नई पीढ़ी की अपेक्षाओं को चुनौती के रूप में लिया और अपने संगीत को नए रूप में ढाला।
उन्होंने यह साबित किया कि सच्चा कलाकार वही है जो बदलते समय के साथ खुद को अपडेट करता रहे और अपनी कला के प्रति ईमानदार रहे।
- रहमान बोले — “लोगों ने मुझे कमजोर महसूस कराया।”
- दो ऑस्कर के बाद भी खुद को साबित करने की ठानी।
- 2019 से 2025 के बीच 30 से अधिक फिल्मों में दिया संगीत।
- ‘मॉडर्न रहमान’ बनकर किया नए प्रयोगों का आगाज़।
रहमान का संदेश साफ है — “सफलता मंज़िल नहीं, निरंतरता ही कला की सबसे बड़ी शक्ति है।”
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