नई दिल्ली, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता
भारत की प्रमुख औद्योगिक कंपनी टाटा समूह पूरे तकनीकी सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। समूह ने सेक्टर-विशिष्ट एआई चिप तैयार करने और अत्याधुनिक डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है।
इस पहल का उद्देश्य भारत को वैश्विक तकनीकी शक्ति बनाने के साथ-साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। यह घोषणा इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान की गई।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में बड़ा ऐलान
समिट के दौरान टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि के कारण भारत सेमीकंडक्टर और चिप निर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ सका है।
उन्होंने बताया कि अब अगला लक्ष्य पूरी तरह एआई-अनुकूलित चिप तैयार करना है, जो विभिन्न उद्योगों की जरूरतों के अनुसार होगी।
सबसे पहले ऑटो सेक्टर के लिए बनेगी एआई चिप
टाटा समूह सबसे पहले मोटर वाहन उद्योग के लिए एआई चिप विकसित करेगा। इसके बाद अन्य सेक्टरों के लिए भी अलग-अलग चिप तैयार की जाएंगी।
इस पहल से भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर डिजिटल और स्मार्ट तकनीक से और अधिक मजबूत होगा।
एआई-रेडी डेटा सेंटर की स्थापना
टाटा समूह भारत का पहला बड़े पैमाने का एआई-अनुकूलित डेटा सेंटर स्थापित कर रहा है। यह केंद्र अगली पीढ़ी के एआई प्रशिक्षण और इन्फरेंस के लिए तैयार किया गया है।
पहले चरण में 100 मेगावाट क्षमता विकसित की जाएगी, जिसे आगे चलकर 1 गीगावाट तक बढ़ाया जाएगा।
ओपनएआई और एएमडी से रणनीतिक साझेदारी
टाटा समूह ने OpenAI और AMD के साथ रणनीतिक सहयोग किया है। इसके तहत विश्वस्तरीय एआई रैक आर्किटेक्चर विकसित किया जाएगा।
इस साझेदारी से भारत में मजबूत, सुरक्षित और टिकाऊ एआई इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा।
भारतीय डेटा पर आधारित एआई मॉडल
चंद्रशेखरन ने बताया कि टाटा का एआई ढांचा पूरी तरह भारतीय डेटा संपत्तियों पर आधारित होगा, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुसार बुद्धिमत्ता विकसित की जा सके।
इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में एआई का व्यापक उपयोग संभव होगा।
एआई को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का लक्ष्य
उन्होंने एआई की तुलना भाप इंजन और इंटरनेट जैसी ऐतिहासिक खोजों से करते हुए कहा कि यह तकनीक मानव जीवन को पूरी तरह बदल सकती है।
टाटा समूह का लक्ष्य है कि एआई को देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।
निष्कर्ष
टाटा समूह की यह पहल भारत को वैश्विक एआई और सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एआई चिप, डेटा सेंटर और वैश्विक साझेदारी से देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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