आरबीआई और बैंक ऑफ मॉरीशस में करार, स्थानीय मुद्राओं को मिलेगा बढ़ावा

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मुंबई, (वेब वार्ता)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और बैंक ऑफ मॉरीशस (बीओएम) ने द्विपक्षीय लेन-देन में भारतीय रुपया और मॉरीशस रुपया के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस समझौते पर आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा और बीओएम के गवर्नर डॉ. रामकृष्ण सिथानन जीसीएसके ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता ज्ञापन पोर्ट लुइस, मॉरीशस में संपन्न हुआ, जहां दस्तावेजों का आदान-प्रदान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में किया गया।

इस पहल का लक्ष्य द्विपक्षीय व्यापार में स्थानीय मुद्राओं के उपयोग को बढ़ावा देना है। इसके तहत, दोनों देशों में चालू खाता लेनदेन और पूंजी खाता लेनदेन को शामिल किया गया है, जिन पर दोनों पक्षों की सहमति बनी है। यह व्यवस्था निर्यातकों और आयातकों को अपनी घरेलू मुद्राओं में चालान जारी करने और भुगतान करने की सुविधा देगी, जिससे भारतीय रुपया और मॉरीशस रुपया के लिए एक प्रभावी बाजार विकसित हो सकेगा।

स्थानीय मुद्राओं के उपयोग से लेनदेन लागत में कमी और निपटान प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। यह समझौता आरबीआई और बीओएम के बीच आर्थिक सहयोग को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से भारत और मॉरीशस के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ वित्तीय एकीकरण भी गहरा होगा, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।

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