मुंबई, 02 अप्रैल (वेब वार्ता)। मुंबई के रियल एस्टेट क्षेत्र ने मार्च 2026 में मजबूत प्रदर्शन करते हुए नया रिकॉर्ड बनाया है। प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में सालाना बढ़ोतरी के साथ-साथ स्टैंप ड्यूटी संग्रह में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो महंगे और मध्यम वर्गीय आवास की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में नगर निगम क्षेत्र में 15,516 से अधिक संपत्तियों का पंजीकरण हुआ, जो पिछले 14 वर्षों में मार्च महीने का सर्वाधिक आंकड़ा है। यह वृद्धि फरवरी में देखी गई तेज रफ्तार के बाद भी जारी रही।
मध्यम वर्ग बना बाजार की ताकत
विशेषज्ञों के अनुसार, इस उछाल के पीछे मध्यम आय वर्ग की बढ़ती मांग प्रमुख कारण है। लोग बेहतर सुविधाओं वाले घरों की ओर रुख कर रहे हैं और अपनी आवासीय स्थिति को उन्नत कर रहे हैं।
लेन-देन की संख्या में निरंतर वृद्धि यह संकेत देती है कि बाजार संरचनात्मक रूप से मजबूत स्थिति में है और खरीदारों का भरोसा कायम है।
स्टैंप ड्यूटी संग्रह में तेजी
फरवरी 2026 की तुलना में रजिस्ट्रेशन में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि स्टैंप ड्यूटी संग्रह में 32 प्रतिशत की तेज वृद्धि हुई। कुल संग्रह लगभग 1,492 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में स्टैंप ड्यूटी में हल्की गिरावट देखी गई, जो यह दर्शाती है कि लेन-देन के स्वरूप में बदलाव आया है, न कि मांग में कमी।
मिड-रेंज प्रॉपर्टी की बढ़ी हिस्सेदारी
मार्च 2026 में 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये की कीमत वाले आवासों का हिस्सा बढ़कर 38 प्रतिशत हो गया, जो पिछले वर्ष 32 प्रतिशत था। वहीं 1 करोड़ रुपये से कम कीमत वाले घरों की हिस्सेदारी घटकर 39 प्रतिशत रह गई।
उच्च मूल्य वर्ग की संपत्तियों का हिस्सा स्थिर बना हुआ है, जिससे संकेत मिलता है कि सभी वर्गों में संतुलित मांग बनी हुई है।
आगे भी बनी रह सकती है तेजी
विशेषज्ञों का मानना है कि अनुकूल आर्थिक परिस्थितियों और मुंबई की आवासीय आकर्षण के चलते आने वाले समय में भी इस क्षेत्र में मांग बनी रहेगी। रियल एस्टेट बाजार में यह निरंतर वृद्धि शहर की आर्थिक मजबूती और आवासीय जरूरतों के विस्तार को दर्शाती है।



