शीर्ष 7 शहरों में घरों की कीमतों में मामूली बढ़त, बिक्री में गिरावट का असर

नई दिल्ली, 05 अप्रैल (वेब वार्ता)। देश के सात प्रमुख शहरों में जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान आवासीय संपत्तियों की कीमतों में केवल मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। संपत्ति परामर्श कंपनी एनारॉक की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और नकारात्मक उपभोक्ता धारणा के चलते बिक्री में आई गिरावट का सीधा असर कीमतों पर पड़ा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, शीर्ष सात शहरों में घरों की औसत कीमतें बढ़कर 9,456 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं, जो पिछली तिमाही में 9,260 रुपये प्रति वर्ग फुट थीं। इस प्रकार तिमाही आधार पर कीमतों में लगभग 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

सालाना आधार पर 7 प्रतिशत की वृद्धि

हालांकि, वार्षिक आधार पर कीमतों में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह औसत कीमत 8,868 रुपये प्रति वर्ग फुट थी। इससे संकेत मिलता है कि दीर्घकालिक रूप से बाजार में वृद्धि का रुझान बना हुआ है, भले ही अल्पकालिक दबाव मौजूद हो।

बिक्री में गिरावट से थमी रफ्तार

एनारॉक के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में इन शहरों में घरों की बिक्री में मात्रा के आधार पर 7 प्रतिशत और मूल्य के आधार पर 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट ने कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी को सीमित रखा।

प्रमुख शहरों में कीमतों का हाल

दिल्ली-एनसीआर में आवासीय कीमतों में तिमाही आधार पर 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और औसत दर 9,620 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंच गई। वहीं, सालाना आधार पर यहां 15 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।

मुंबई महानगर क्षेत्र में कीमतें बढ़कर 17,600 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 16,900 रुपये प्रति वर्ग फुट थीं।

बेंगलुरु में औसत कीमत 9,310 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंच गई, जबकि पुणे में यह बढ़कर 8,220 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई।

इसी तरह, चेन्नई में कीमतें 7,165 रुपये प्रति वर्ग फुट और कोलकाता में 6,290 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गईं।

बाजार पर बना दबाव

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और क्षेत्रीय संघर्षों के कारण उपभोक्ताओं की धारणा प्रभावित हुई है, जिससे मांग में कमी आई है। इसका असर सीधे तौर पर आवासीय बाजार पर पड़ा है।

रिपोर्ट के अनुसार, यदि आने वाले समय में आर्थिक और वैश्विक हालात स्थिर होते हैं, तो आवास बाजार में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। फिलहाल, कीमतों में स्थिरता और सीमित वृद्धि का दौर जारी रहने की संभावना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

Latest

More articles