सरकार ने बनाया ₹1 लाख करोड़ का आर्थिक स्थिरीकरण फंड: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

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नई दिल्ली, डेस्क | वेब वार्ता

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि सरकार ने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए एक लाख करोड़ रुपये का आर्थिक स्थिरीकरण फंड (Economic Stabilization Fund) बनाने का प्रस्ताव रखा है। पूरक अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह फंड पश्चिम एशिया जैसे क्षेत्रों में अचानक उत्पन्न होने वाले भू-राजनीतिक तनाव या वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था को झटकों से बचाने में मदद करेगा। सरकार का मानना है कि यह कोष भविष्य में आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा कवच का काम करेगा।

एक लाख करोड़ का आर्थिक स्थिरीकरण फंड

विवरणराशि
आर्थिक स्थिरीकरण फंड₹1,00,000 करोड़
अतिरिक्त खर्च की मांग₹2.81 लाख करोड़
अतिरिक्त संभावित आय₹80,000 करोड़
वास्तविक अतिरिक्त खर्च₹2.01 लाख करोड़

सीतारमण ने कहा कि यह आर्थिक स्थिरीकरण फंड सरकार को वैश्विक परिस्थितियों से पैदा होने वाले जोखिमों से निपटने के लिए अतिरिक्त वित्तीय क्षमता प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने चालू वित्त वर्ष में कुल 2.81 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च की अनुमति लोकसभा से मांगी है। हालांकि लगभग 80 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त आय की संभावना भी है, जिससे वास्तविक अतिरिक्त खर्च घटकर करीब 2.01 लाख करोड़ रुपये रह जाएगा।

राजकोषीय घाटा अनुमान के भीतर रहेगा

वित्तीय संकेतकआंकड़ा
राजकोषीय घाटा (आरई 2025-26)GDP का 4.4%
बजट अनुमान (2025-26)GDP का 4.4%
कुल बजट खर्च (BE)₹50.65 लाख करोड़
संशोधित अनुमान (RE)₹49.65 लाख करोड़

वित्त मंत्री ने कहा कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा संशोधित अनुमान के भीतर ही रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दूसरी पूरक अनुदान मांगों के बावजूद बजट अनुमान से अधिक खर्च नहीं बढ़ा है। सरकार ने संशोधित अनुमान में कुल खर्च को 50.65 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 49.65 लाख करोड़ रुपये कर दिया है।

किसानों, गरीबों और रक्षा क्षेत्र के लिए अतिरिक्त प्रावधान

क्षेत्रअतिरिक्त राशि
उर्वरक सब्सिडी₹19,230 करोड़
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना₹23,641 करोड़
रक्षा मंत्रालय₹41,822 करोड़

वित्त मंत्री ने बताया कि पूरक अनुदान मांगों में किसानों और गरीबों के हितों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। उर्वरक सब्सिडी के लिए 19,230 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के लिए 23,641 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च की मंजूरी मांगी गई है। इसके अलावा रक्षा मंत्रालय के लिए भी 41,822 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च का प्रस्ताव रखा गया है।

  • किसानों के लिए उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित
  • गरीबों को मुफ्त अनाज योजना जारी
  • राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए रक्षा बजट में अतिरिक्त प्रावधान

किसानों को उर्वरक की कमी नहीं होगी

सीतारमण ने आश्वस्त किया कि किसानों के लिए उर्वरकों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरक अनुदान मांगों में इसके लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं ताकि कृषि उत्पादन प्रभावित न हो और किसानों को समय पर आवश्यक संसाधन मिल सकें।

निष्कर्ष

एक लाख करोड़ रुपये का आर्थिक स्थिरीकरण फंड भारत की अर्थव्यवस्था को वैश्विक संकटों से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कोष सरकार को अचानक उत्पन्न होने वाले आर्थिक झटकों से निपटने के लिए अतिरिक्त वित्तीय क्षमता प्रदान करेगा और दीर्घकाल में आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में मददगार साबित हो सकता है।


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