नई दिल्ली, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता
Budget 2026:
हर साल 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री संसद में बजट पेश करते हैं, जिसमें अगले वित्त वर्ष के लिए सरकार की आय और व्यय का पूरा खाका सामने आता है। सरल शब्दों में कहें तो बजट यह बताता है कि सरकार अगले साल पैसा कहां से कमाएगी और उसे कहां खर्च करेगी। करों की संरचना भी इसी में तय होती है, जिसका सीधा असर आम आदमी, उद्योग और व्यापार पर पड़ता है।
वित्त मंत्रालय बजट तैयार करने से पहले अन्य मंत्रालयों, उद्योग संगठनों, कॉरपोरेट जगत और विभिन्न हितधारकों से विचार-विमर्श करता है। संवैधानिक रूप से बजट का प्रावधान अनुच्छेद 112 के तहत है, जिसे वार्षिक वित्तीय विवरण (Annual Financial Statement) कहा जाता है। इसमें हर मंत्रालय को मिलने वाला बजट, अब तक का खर्च और शेष राशि का पूरा ब्यौरा होता है।
इस साल बजट से काफी उम्मीदें हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में सरकार अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए बुनियादी ढांचे पर कैपेक्स बढ़ाने, रोजगार सृजन, मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट, एमएसएमई राहत, हरित ऊर्जा और डिजिटल इकोनॉमी पर जोर दे सकती है।
आइए जानते हैं बजट से जुड़े कुछ दिलचस्प और मजेदार सवालों के जवाब, जो आपको हैरान कर देंगे:
1. ‘बजट’ शब्द कहां से आया?
‘Budget’ शब्द फ्रांसीसी भाषा के ‘बॉजेट’ से लिया गया है, जिसका मतलब होता है लेदर का छोटा थैला या ब्रीफकेस। पुराने समय में वित्त मंत्री बजट के कागजात इसी लेदर बैग में लेकर संसद आते थे। इसलिए आज भी बजट पेश करने को ‘बजट बैग’ कहा जाता है।
2. 1 फरवरी को ही क्यों पेश होता है बजट?
1 फरवरी को बजट इसलिए पेश किया जाता है ताकि 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष से पहले प्रस्तावित कानून या बदलावों को लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। साथ ही सरकार को पूरे साल की वित्तीय योजना बनाने और उसे पूरा करने का समय भी मिलता है।
3. बजट से पहले ‘हलवा समारोह’ क्यों होता है?
बजट तैयार होने से पहले एक पुरानी और मजेदार परंपरा निभाई जाती है – हलवा समारोह। इस रस्म में वित्त मंत्री एक बड़ी कड़ाही में हलवा बनाते हैं, जिसे बाद में वित्त मंत्रालय के सभी कर्मचारियों में बांटा जाता है। यह बजट तैयारियों की शुरुआत का प्रतीक है। इसके बाद 100 से ज्यादा कर्मचारी और अधिकारी नॉर्थ ब्लॉक में ही रहते हैं, जहां बजट प्रिंटिंग का काम होता है। इस दौरान वे पूरी तरह बाहरी दुनिया से कटे रहते हैं – कोई फोन, कोई इंटरनेट, कोई बाहर जाना नहीं।
4. बजट पेश करने वाला बैग आज भी लेदर का क्यों होता है?
पुरानी परंपरा के कारण आज भी वित्त मंत्री बजट पेश करने के लिए लाल रंग का लेदर बैग लेकर आते हैं। यह बैग अब प्रतीकात्मक है, लेकिन हर साल इसकी तस्वीरें वायरल हो जाती हैं।
5. बजट में सबसे ज्यादा ध्यान किस पर जाता है?
बजट में सबसे ज्यादा ध्यान कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) पर जाता है, क्योंकि यह बुनियादी ढांचे, सड़क, रेल, एयरपोर्ट, अस्पताल, स्कूल आदि के विकास से जुड़ा होता है। इसके अलावा करों में राहत, सब्सिडी, किसान कल्याण, गरीबों के लिए योजनाएं और रोजगार सृजन भी प्रमुख होते हैं।
निष्कर्ष: बजट सिर्फ नंबर नहीं, देश का भविष्य है
बजट सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह बताता है कि सरकार अगले साल क्या करने वाली है, किसे कितना फायदा देगी और किस पर कितना बोझ डालेगी। 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाला बजट न केवल अर्थव्यवस्था को नई गति देगा, बल्कि आम आदमी की जेब पर भी सीधा असर डालेगा।
तो अगले कुछ दिनों में बजट की तैयारियों पर नजर रखिए, क्योंकि हलवा बनने से लेकर बैग खुलने तक हर पल मजेदार और महत्वपूर्ण होता है!
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