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सुनीता विलियम्स की धरती पर सुखद वापसी

-विवेक रंजन श्रीवास्तव-

भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में अदभुत रिकॉर्ड बनाए हैं। उनकी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा, जो मूल रूप से 10 दिनों की थी, तकनीकी जटिलताओं के कारण नौ महीने तक बढ़ गई। अंततोगत्वा 19 मार्च 2025 को, सुनीता विलियम्स और उनके साथी नासा अंतरिक्ष यात्री बैरी “बुच” विल्मोर सफलतापूर्वक धरती पर लौट आए। उनकी वापसी की यह यात्रा न केवल एक मानवीय उपलब्धि थी, बल्कि अंतरिक्ष तकनीक और सहनशक्ति की एक जटिल, प्रेरक कहानी भी है।

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने 5 जून 2024 को बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान के पहले मानवयुक्त परीक्षण उड़ान (क्रू फ्लाइट टेस्ट) के तहत आईएसएस के लिए उड़ान भरी थी। यह मिशन नासा के कमर्शियल क्रू प्रोग्राम का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य बोइंग के स्टारलाइनर को नियमित मानव अंतरिक्ष उड़ानों के लिए प्रमाणित करना था। मूल योजना के अनुसार, यह मिशन 8 से 10 दिनों का होना था, लेकिन स्टारलाइनर के साथ तकनीकी समस्याओं ने इसे एक लंबी मानवीय और तकनीक की परीक्षा में बदल दिया।

आईएसएस पर पहुंचने के बाद, स्टारलाइनर में हीलियम रिसाव और थ्रस्टर (प्रणोदन प्रणाली) की खराबी की समस्याएं सामने आईं। हीलियम रिसाव अंतरिक्ष यान के प्रणोदन तंत्र को प्रभावित कर सकता था, जो इसकी कक्षा को नियंत्रित करने और सुरक्षित वापसी के लिए आवश्यक है। इसके अलावा, कई थ्रस्टर्स के अप्रत्याशित रूप से बंद होने से नासा और बोइंग के वैज्ञानिकों के समक्ष एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। इन समस्याओं के कारण स्टारलाइनर को अंतरिक्ष यात्रियों के साथ वापस लाने को जोखिम भरा माना गया तथा नासा ने फैसला किया कि स्टारलाइनर को बिना चालक दल के धरती पर वापस लाया जाए, जो सितंबर 2024 में न्यू मैक्सिको में सफलतापूर्वक उतरा।

स्पेसएक्स की भूमिका और क्रू ड्रैगन

स्टारलाइनर के असफल होने के बाद, सुनीता और बुच की वापसी के लिए नासा ने स्पेसएक्स के क्रू ड्रैगन अंतरिक्ष यान पर भरोसा किया। स्पेसएक्स, जो पहले से ही नासा के लिए नियमित क्रू रोटेशन मिशन संचालित कर रहा था, इस स्थिति में एक विश्वसनीय विकल्प साबित हुआ। क्रू-9 मिशन, जो सितंबर 2024 में शुरू हुआ, में केवल दो अंतरिक्ष यात्री- नासा के निक हेग और रूस के रोस्कोस्मोस के अलेक्जेंडर गोर्बुनोव- शामिल थे, ताकि सुनीता और बुच के लिए वापसी की जगह बनाई जा सके। हालांकि, उनकी वापसी को फरवरी 2025 में निर्धारित किया गया था, लेकिन क्रू-10 मिशन की तैयारी में देरी के कारण यह मार्च 2025 तक टल गया।

क्रू-10 मिशन 12 मार्च 2025 को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए लॉन्च हुआ। इसमें चार अंतरिक्ष यात्री- नासा की ऐनी मैकक्लेन और निकोल आयर्स, जापान के तकुया ओनिशी, और रूस के किरिल पेस्कोव- शामिल थे। यह टीम आईएसएस पर क्रू-9 की जगह लेने के लिए पहुंची। क्रू ड्रैगन “एंड्योरेंस” ने 16 मार्च को आईएसएस के हार्मनी मॉड्यूल से सफलतापूर्वक जुड़ाव किया। इसके बाद, दो दिनों के हैंडओवर पीरियड के दौरान, सुनीता और बुच ने अपनी जिम्मेदारियों को नए क्रू को सौंपा।

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की वापसी क्रू ड्रैगन “फ्रीडम” अंतरिक्ष यान के जरिए हुई, जो क्रू-9 मिशन का हिस्सा था। यह अंतरिक्ष यान 18 मार्च 2025 को आईएसएस से अलग हुआ और 19 मार्च को फ्लोरिडा के तट पर अटलांटिक महासागर में पैराशूट की सहायता से सुरक्षित रूप से उतरा। वापसी की प्रक्रिया में अनडॉकिंग के बाद क्रू ड्रैगन ने आईएसएस से अलग होने के बाद अपनी कक्षा को धीरे-धीरे कम करने के लिए कई नियंत्रित “बर्न” किए। यह प्रक्रिया अंतरिक्ष यान को पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के लिए सही स्थिति में लाने के लिए आवश्यक होती है।

पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के दौरान अंतरिक्ष यान ने लगभग 3,000 डिग्री फारेनहाइट (1,650 डिग्री सेल्सियस) के तापमान का सामना किया। इसका हीट शील्ड, जो सिरेमिक सामग्री से बना था, इस भीषण गर्मी से चालक दल की रक्षा करने में सक्षम था। आपको याद होगा कि कल्पना चावला को लेकर लौट रहा यान इसी प्रक्रिया में जलकर राख हो गया था।

पुनर्प्रवेश के बाद, क्रू ड्रैगन ने चार पैराशूट सफलता पूर्वक खोल दिए जिससे इस कैप्सूल की गति को धीमा कर नियंत्रित किया। इसके बाद यह फ्लोरिडा के तट पर समुद्र में उतरा, जहां नासा और स्पेसएक्स की रिकवरी टीमों ने अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 17 घंटे लगे, जो रूस के सोयुज अंतरिक्ष यान की तुलना में अधिक समय था, जो केवल 3.5 घंटे में वापसी करता है। क्रू ड्रैगन की डिजाइन में सुरक्षा और आराम पर जोर दिया गया था, जिसके कारण यह धीमी और नियंत्रित प्रक्रिया अपनाई गई।

सुनीता विलियम्स की वापसी में कई तकनीकी चुनौतियां थीं। पहली चुनौती स्टारलाइनर की असफलता थी, जिसने नासा को एक वैकल्पिक योजना अपनाने के लिए मजबूर किया। दूसरी चुनौती क्रू रोटेशन का समयबद्ध समन्वय था। क्रू-10 के नए ड्रैगन अंतरिक्ष यान की तैयारी में देरी के कारण लॉन्च को स्थगित करना पड़ा, जिसने सुनीता और बुच की वापसी को प्रभावित किया। इसके अलावा, मौसम की स्थिति और समुद्री परिस्थितियों ने स्प्लैशडाउन के लिए सही समय का चयन करना आवश्यक बना दिया।

नासा और स्पेसएक्स ने इन चुनौतियों का समाधान सावधानी पूर्वक तकनीकी विशेषज्ञता के साथ किया। क्रू ड्रैगन की विश्वसनीयता, जो पहले नौ मानवयुक्त मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुका था, ने इस वापसी मिशन को संभव बनाया।

सुनीता विलियम्स की अंतरिक्ष से वापसी की यह यात्रा तकनीकी दृष्टिकोण से जितनी महत्वपूर्ण थी, उतनी ही मानवीय दृष्टि से भी प्रेरणादायक रही। लगभग 286 दिनों तक अंतरिक्ष में रहने के बाद, उन्हें और बुच को अब पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण में फिर से ढलने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में लंबे समय तक रहने से हड्डियों का घनत्व कम होना, मांसपेशियों का क्षय, और संतुलन की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। नासा की चिकित्सा टीम उनकी रिकवरी में सहायता कर रही है।

इस मिशन ने अंतरिक्ष यात्रा में बैकअप योजनाओं की महत्ता को रेखांकित किया। बोइंग के स्टारलाइनर की असफलता ने यह दिखाया कि अंतरिक्ष मिशनों में अप्रत्याशित जोखिमों से निपटने के लिए लचीलापन और विविधता आवश्यक है। स्पेसएक्स की सफलता ने निजी अंतरिक्ष कंपनियों की बढ़ती भूमिका को भी स्थापित किया।

सुनीता विलियम्स की धरती पर सुखद वापसी एक तकनीकी चमत्कार और मानव संकल्प की जीत सिद्ध हुई। यह यात्रा नासा, स्पेसएक्स, और अंतरिक्ष यात्रियों की टीमवर्क का परिणाम थी। भविष्य में, यह अनुभव अंतरिक्ष मिशनों को और सुरक्षित और कुशल बनाने में मदद करेगा। सुनीता की यह कहानी न केवल विज्ञान की प्रगति को दर्शाती है, बल्कि मानव की जिज्ञासा और साहस को भी प्रेरित करती है।

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