नई दिल्ली, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में संभावित आपूर्ति बाधा को लेकर भारत में LPG और LNG गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। भारत दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ताओं में से एक है और घरेलू रसोई गैस, पाइपलाइन गैस (PNG) तथा वाहनों में इस्तेमाल होने वाली CNG के लिए बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस और एलपीजी का आयात करता है। अगर मध्य-पूर्व में युद्ध के कारण गैस सप्लाई प्रभावित होती है तो इसका असर सीधे देश के लगभग 33 करोड़ LPG उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार भारत अपनी प्राकृतिक गैस की जरूरत का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, जबकि घरेलू एलपीजी खपत का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आता है। ऐसे में यदि कतर या ईरान से आपूर्ति बाधित होती है तो भारत को अन्य देशों से गैस खरीदने के विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं।
भारत में LPG की खपत कितनी
भारत में हर साल लगभग 3 करोड़ टन LPG की खपत होती है। इसमें से करीब 40 प्रतिशत गैस का उत्पादन देश के भीतर होता है, जबकि बाकी गैस का आयात किया जाता है। घरेलू उपयोग के लिए 14 किलोग्राम वाले सिलेंडर की हिस्सेदारी लगभग 87 प्रतिशत है, जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर का हिस्सा करीब 13 प्रतिशत है।
देश में कुल 33 करोड़ से अधिक LPG कनेक्शन हैं, जिनमें से लगभग 10 करोड़ उज्ज्वला योजना के लाभार्थी हैं। इसका मतलब है कि गैस आपूर्ति में कोई भी बाधा सीधे करोड़ों परिवारों की रसोई को प्रभावित कर सकती है।
दुनिया में प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा भंडार किन देशों के पास
दुनिया में प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा कुछ ही देशों के पास केंद्रित है। कुल वैश्विक भंडार का आधे से अधिक हिस्सा केवल तीन देशों के पास माना जाता है।
1. रूस (Russia)
दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार रूस के पास है। साइबेरिया में स्थित यूरेनगोय और याम्बर्ग गैस फील्ड दुनिया के सबसे बड़े गैस क्षेत्रों में शामिल हैं। वैश्विक गैस भंडार का लगभग 24 प्रतिशत हिस्सा रूस के पास है।
2. ईरान (Iran)
ईरान प्राकृतिक गैस भंडार के मामले में दूसरे स्थान पर है। फारस की खाड़ी में स्थित साउथ पार्स-नॉर्थ डोम गैस फील्ड दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री गैस क्षेत्र माना जाता है।
3. कतर (Qatar)
कतर का नॉर्थ फील्ड गैस क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े गैस स्रोतों में से एक है। कतर दुनिया का सबसे बड़ा LNG निर्यातक भी है।
4. तुर्कमेनिस्तान (Turkmenistan)
तुर्कमेनिस्तान का गाल्किनीश गैस फील्ड विश्व के विशालतम गैस भंडारों में गिना जाता है और इसे मध्य एशिया का ऊर्जा केंद्र माना जाता है।
5. अमेरिका (USA)
अमेरिका गैस उत्पादन के मामले में दुनिया में पहले स्थान पर है। यहां विशेष रूप से शेल गैस (Shale Gas) के बड़े भंडार हैं, खासकर टेक्सास और पेनसिल्वेनिया में।
भारत के पास भी गैस के भंडार
भारत के पास भी प्राकृतिक गैस के कुछ भंडार मौजूद हैं, लेकिन देश की जरूरतों के मुकाबले वे काफी कम हैं। भारत में गैस मुख्य रूप से कृष्णा-गोदावरी बेसिन (KG Basin), असम, गुजरात की खंभात खाड़ी और राजस्थान से निकाली जाती है। इसके बावजूद घरेलू उत्पादन मांग को पूरा नहीं कर पाता, इसलिए बड़े पैमाने पर आयात करना पड़ता है।
भारत किन देशों से खरीदता है गैस
भारत अपनी LNG और LPG जरूरतों को पूरा करने के लिए कई देशों से गैस खरीदता है।
- कतर (Qatar): भारत का सबसे बड़ा LNG आपूर्तिकर्ता। भारत अपने कुल LNG आयात का लगभग 40-45% कतर से खरीदता है।
- अमेरिका (USA): हाल के वर्षों में अमेरिका भारत के लिए एक बड़ा गैस निर्यातक बनकर उभरा है।
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE): कतर के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाले प्रमुख देशों में शामिल।
- ओमान (Oman): लंबे समय से भारत को गैस उपलब्ध कराने वाला देश।
- ऑस्ट्रेलिया और रूस: भारत इन देशों से भी दीर्घकालिक समझौतों के तहत गैस खरीदता है।
कतर के साथ 20 साल का बड़ा समझौता
भारत और कतर के बीच हाल ही में 78 अरब डॉलर का LNG समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत कतर 2048 तक भारत को हर साल 75 लाख टन LNG की आपूर्ति करेगा। इस गैस की खरीद में मुख्य भूमिका पेट्रोनेट LNG और GAIL जैसी कंपनियों की होती है।
LPG किल्लत और अफवाहों से देशभर में चिंता
पश्चिम एशिया में युद्ध की आशंका के बीच देश के कई शहरों में LPG आपूर्ति को लेकर अफवाहें भी फैल रही हैं। कुछ जगहों पर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिली हैं।
- भोपाल में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी सामने आई है, जहां सिलेंडर लगभग 1500 रुपये तक बेचे जाने की शिकायत मिली।
- बिहार के रोहतास और सासाराम में प्रशासन ने गैस की अवैध जमाखोरी पर छापेमारी की।
- कानपुर और लखनऊ में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं।
- मुंबई और बेंगलुरु में कमर्शियल सिलेंडर की कमी के कारण होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित हुए हैं।
- राजस्थान के कोटा में कोचिंग सेंटर और मेस संचालकों को गैस की कमी से परेशानी हो रही है।
रेलवे कैटरिंग सेवा संचालित करने वाली IRCTC ने भी अपने फूड प्लाजा और रिफ्रेशमेंट रूम को निर्देश दिया है कि अगर LPG की कमी हो तो माइक्रोवेव और इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल किया जाए।
क्या सच में आने वाला है गैस संकट?
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल देश में LPG और LNG का पर्याप्त भंडार मौजूद है, लेकिन अगर लंबे समय तक होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित रहती है तो भारत को वैकल्पिक स्रोतों से गैस आयात बढ़ाना पड़ सकता है।
सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (ECA) के तहत सख्ती भी शुरू कर दी है। हालांकि सरकार का दावा है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
इस बीच विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से भारत को भविष्य में घरेलू गैस उत्पादन बढ़ाने, नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने और आयात स्रोतों को विविध बनाने की दिशा में और तेजी से काम करना होगा।
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