Friday, February 13, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर होगी भारत-पाक फ्लैग मीटिंग, ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारी होंगे शामिल

पुंछ, (वेब वार्ता)। भारत और पाकिस्तान शुक्रवार को संघर्ष विराम उल्लंघन की बढ़ती घटनाओं से निपटने के लिए फ्लैग मीटिंग करेंगे। यह बैठक जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर होगी।

पुंछ जिले के चाकन दा बाग एलओसी क्रॉसिंग पॉइंट पर दोनों पक्षों के ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारी फ्लैग मीटिंग में शामिल होंगे। भारत की तरफ से पुंछ ब्रिगेड के कमांडर और पाकिस्तानी सेना की दो पाक ब्रिगेड के कमांडर फ्लैग मीटिंग में हिस्सा लेंगे।

फ्लैग मीटिंग में पिछले कई दिनों से नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना की तरफ से की जाने वाली गोलीबारी से उत्पन्न हुए तनाव को कम करने, नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का सम्मान करने और दोनों तरफ से नियंत्रण रेखा पर शांति और सौहार्द बनाए रखने पर बातचीत कर सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा।

भारत और पाकिस्तान की सेनाओं ने 2021 में संघर्ष विराम की घोषणा की थी। इस संघर्ष विराम समझौते के कारण, नियंत्रण रेखा पर तनाव काफी कम हो गया और सीमा के दोनों ओर रहने वाले सैकड़ों परिवारों में सामान्य स्थिति लौट आई।

हालांकि, नियंत्रण रेखा के पार से गोलीबारी की हालिया घटनाओं में पुंछ और राजौरी जिलों में दो सैनिक घायल हो गए। वहीं 11 फरवरी को जम्मू जिले में नियंत्रण रेखा के अखनूर सेक्टर में एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट में एक कैप्टन समेत दो सैनिकों की मौत हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों ने आईईडी लगाया था। भारतीय सेना ने पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पार से की गई गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया। रिपोर्टों में कहा गया है कि भारतीय जवाबी कार्रवाई में नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तान की तरफ हताहत हुए।

खुफिया रिपोर्टों में कहा गया है कि इस सर्दी में कम बर्फबारी के कारण जम्मू-कश्मीर में पारंपरिक घुसपैठ के रास्ते अभी भी खुले हैं और आतंकवादी नियंत्रण रेखा के पार भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीते दिनों नई दिल्ली में जम्मू-कश्मीर को लेकर दो सुरक्षा समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता की। उन बैठकों के दौरान अमित शाह ने जम्मू कश्मीर से आतंकवाद के खात्मे की बात कही थी।

वहीं जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी हाल ही में दो सुरक्षा बैठकों की अध्यक्षता की थी ओर मौजूदा हालात का जायजा लिया था। उपराज्यपाल ने पुलिस और सुरक्षा बलों को आतंकवादियों को निशाना बनाकर आतंकी तंत्र को खत्म करने के आदेश दिए।

पिछले साल केंद्र शासित प्रदेश में शांतिपूर्ण और लोगों की भागीदारी वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद से आतंकवादी अपनी गतिविधियों को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। आतंकवादी गतिविधियों में तेजी आने के बाद सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के खिलाफ आक्रामक अभियान शुरू किया।

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img