नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। पवन श्रीवास्तव एक संपूर्ण क्रान्ति सेनानी के साथ, महान कवि साहित्यकार, और आध्यात्मिक, सामाजिक विचारक थे उनके बताए हुए मार्ग पर चलकर हम भारत और सनातन संस्कृति को नई दिशा दे सकते हैं। ये बातें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रख्यात ज्योतिषी, विचारक आर्य भूषण शुक्ल ने शाश्वत हिंदू प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित ‘मेरे पवन जी’ श्रद्धांजलि सभा में डाबरी वैशाली में कहीं। भोजपुरी समाज और विश्व भोजपुरी सम्मेलन के अध्यक्ष अजित दुबे ने पवन जी की भोजपुरी कविता “जिंदगी रेशम ह पहनीं टांगी मत” को सुनाते हुए बताया कि पवन जी एक अद्भुत व्यक्तित्व हैं उन्होंने लोक चेतना, सामाजिक समरसता, सामाजिक स्वावलंबन, मंदिरों को शक्ति शाली बनाने के लिए निरंतर कार्य किए। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी राजीव कुमार ने पवन जी के विचारों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। मठ मंदिर के प्रभारी अंशुमन डोगरा जी ने कहा कि हमारा संगठन पवन जी के विचारों को पालन करते हुए 5 लाख मंदिरों को शक्ति केंद्र बनाएंगे। संजय शर्मा जी ने कहा कि पवन जी के संकल्पों को अवश्य पूरा करेंगे। योगी अनूप नाथ ने कहा कि पवन जी 29 महीने जेल में रहे, और समाज को मजबूत किया। कवि विनय विनम्र ने अपने संस्मरण के साथ काव्य पाठ भी किया। गजल गायक डॉ गुंजन झा, की टीम द्वारा भजन गाया गया। कार्यक्रम में शाश्वत देवालय के संयोजक सुनील गुप्ता जी, के .के. गुप्ता जी, सरोज कुमार महापात्र-जी, शिव दत्त ठाकुर, मंटू तिवारी, वीरेंद्र सिंह, सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कवि के डी पाठक ने किया।
जेपी क्रान्तिकारी पवन श्रीवास्तव को श्रद्धांजलि दी







