Wednesday, February 4, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

सुरीली धुनों पर गुंजायमान हुआ सूरजकुंड मेला परिसर

-वायलिन वादक सुनीता भुयान व लोक गायिका रिंकू कालिया ने भारतीय विविधता का दिखाया सांस्कृतिक स्वरूप

फरीदाबाद, (वेब वार्ता)। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले का परिसर प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सराबोर होता जा रहा है। देशों व अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों को मेला परिसर में रोजाना सांस्कृतिक मंचों पर विख्यात आर्टिस्ट की प्रस्तुतियां देखने को मिल रही हैं। मंगलवार की सांस्कृतिक संध्या बड़ी चौपाल पर आयोजित हुई जिसमें असम से आई सुप्रसिद्ध प्रियदर्शिनी पुरस्कार अवार्डी सुनीता भुयान ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति दी। वायलिन की सुरीली धुनों से सूरजकुंड मेला परिसर तालियों की गडगड़़ाहट से गूंज उठा और दर्शकों ने सुनीता भुयान की कला की खूब प्रशंसा की। सांस्कृतिक संध्या में भारतीय वायलिन वादक सुनीता भुयान व लोक गायिका रिंकू कालिया ने बड़ी चौपाल पर अपनी गायकी से देर शाम तक दर्शकों को सुरीले गीतों व मनमोहक ध्वनि के साथ वाद्य यंत्रों से मनोरंजन किया। सूरजकुंड मेले में सांस्कृतिक संध्या में इंडो जैज़ फ्यूजन और विश्व लोक शैलियों की प्रस्तुति दी तो बड़ी चौपाल संगीत के रंग में रंग गई। सुनीता भुयान ने गंगा सिलोनी गाने को देश की अलग-अलग भाषाओं में गाया। इसके साथ ही उन्होंने अष्ट लक्ष्मी प्रस्तुति के जरिए पूर्वोत्तर के राज्यों की संस्कृति की भी झलक दिखाई। इससे पहले सांस्कृतिक संध्या में लोक गायिका रिंकू कालिया ने अजीब दास्तां है ये, चार दिनां दा साथ हो रब्बा बड़ी लम्बी जुदाई व मैं आवांगी हवा बन के इत्यादि गीत, गजल और भक्ति गीतों से चौपाल में बैठे दर्शकों का मन मोह लिया।

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img