गंगा एक्सप्रेसवे उद्घाटन: पीएम मोदी ने हरदोई में किया लोकार्पण, विकास को नई गति

-लक्ष्मीकान्त पाठक

हरदोई, 29 अप्रैल (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश के विकास इतिहास में बुधवार का दिन एक नए अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 36 हजार करोड़ से अधिक लागत से बने गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कर प्रदेश को प्रगति और समृद्धि की नई सौगात दी। यह परियोजना केवल आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने वाली योजना नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य को नई दिशा देने वाली ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है। गंगा एक्सप्रेसवे के शुभारंभ के साथ ही प्रदेशभर में उत्साह और उल्लास का वातावरण दिखाई दिया। जनमानस ने इसे विकास, सुगम यातायात, व्यापारिक विस्तार और रोजगार के नए अवसरों की दिशा में बड़ा कदम बताया। वर्षों से आधुनिक संपर्क मार्ग की प्रतीक्षा कर रहे लोगों के लिए यह परियोजना आशाओं का नया द्वार बनकर सामने आई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे केवल सड़क नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक शक्ति, औद्योगिक प्रगति और सामाजिक समृद्धि का राजमार्ग है। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे अनेक जनपदों को जोड़ते हुए व्यापार, उद्योग, कृषि और रोजगार को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि कभी पिछड़ेपन और अव्यवस्था से जूझने वाला उत्तर प्रदेश आज आधुनिक एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक गलियारों और निवेश परियोजनाओं के माध्यम से देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहा है।

सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी दलों पर प्रहार करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को विकास विरोधी तथा महिला विरोधी मानसिकता वाला बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाकर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया, लेकिन इन दलों ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि जो दल परिवारवाद और तुष्टिकरण की राजनीति में उलझे हैं, वे देश के विकास का मार्ग प्रशस्त नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि आज देश की जनता जातिवाद, भ्रष्टाचार और वंशवाद की राजनीति को पीछे छोड़कर विकास, सुशासन और स्थिर नेतृत्व के साथ खड़ी है।

बंगाल समेत अन्य राज्यों का भी किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड मतदान का उल्लेख करते हुए वहां की जनता की लोकतांत्रिक चेतना की सराहना की। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने भय और हिंसा के वातावरण के बीच लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था प्रकट की है। इसके साथ ही बिहार और गुजरात में भाजपा की विजय का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह परिणाम जनता के विश्वास और विकास की राजनीति की जीत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी देश की जनता विकास और राष्ट्रहित के पक्ष में अपना समर्थन देगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार केवल योजनाओं की घोषणा नहीं करती, बल्कि उन्हें समयबद्ध ढंग से पूर्ण कर जनता को समर्पित भी करती है।

व्यापार और कृषि को मिलेगा बल
गंगा एक्सप्रेसवे के संचालन से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा। जहां पहले लंबी दूरी तय करने में अधिक समय लगता था, वहीं अब यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।

व्यापारियों का मानना है कि तेज संपर्क मार्ग मिलने से माल ढुलाई सुगम होगी, परिवहन लागत घटेगी और बाजारों तक सामान शीघ्र पहुंच सकेगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी। किसानों के लिए भी यह एक्सप्रेसवे लाभकारी सिद्ध होगा। कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी, जिससे बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
इस परियोजना से युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। एक्सप्रेसवे किनारे औद्योगिक इकाइयों, गोदामों, लॉजिस्टिक पार्क, पेट्रोल पंप, होटल, ढाबे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के विकसित होने की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा।

गंगा एक्सप्रेसवे की प्रमुख विशेषताएं
594 किलोमीटर लंबे इस भव्य एक्सप्रेसवे का निर्माण अत्याधुनिक तकनीक और उच्च सुरक्षा मानकों के साथ किया गया है। यात्रियों की सुविधा और निर्बाध आवागमन के लिए इस मार्ग पर 457 अंडरपास, 76 बड़े पुल तथा 21 अन्य पुल बनाए गए हैं। यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पूरे मार्ग पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे वाहनों की गति पर निगरानी रखी जाएगी। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशनों की भी व्यवस्था की गई है, जिससे यह मार्ग भविष्य की जरूरतों के अनुरूप भी सिद्ध होगा।

चार पैकेजों में हुआ निर्माण
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना को चार पैकेजों में विभाजित किया गया है। पहला पैकेज मेरठ से बदायूं तक लगभग 130 किलोमीटर लंबा है, जिसका निर्माण मैसर्स आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स लिमिटेड द्वारा किया गया है। इसके आगे के तीन पैकेज अदानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को सौंपे गए हैं।

नई उम्मीदों का राजमार्ग
गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण केवल एक परियोजना का शुभारंभ नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर, बढ़ते आत्मविश्वास और समृद्ध भविष्य का उद्घोष है। जनमानस इसे विकास, निवेश और उज्ज्वल कल की दस्तक के रूप में देख रहा है।

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