नई दिल्ली, 26 अप्रैल (वेब वार्ता)। राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (दिल्ली एयरपोर्ट) पर रविवार को एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब स्विस एयर की दिल्ली से ज्यूरिख जा रही उड़ान में टेकऑफ के दौरान अचानक तकनीकी खराबी आ गई। उड़ान भरते ही विमान के एक इंजन के खराब होने से स्थिति गंभीर हो गई और तत्काल आपातकाल घोषित करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उड़ान के दौरान विमान के बाएं हिस्से से धुआं निकलता देखा गया, जबकि दाईं ओर लैंडिंग गियर के पास आग की लपटें दिखाई दीं। स्थिति को देखते हुए हवाई अड्डे पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए आपातकालीन प्रबंधन लागू किया। इस दौरान हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सुरक्षा कारणों से रनवे 28 को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा, जिससे कई अन्य उड़ानों पर भी प्रभाव पड़ा। हालांकि राहत की बात यह रही कि विमान में सवार सभी 232 यात्रियों और 13 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आपातकालीन स्लाइड्स की मदद से निकासी प्रक्रिया तेज़ी से पूरी की गई। इस घटना में छह लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
हवाई अड्डे पर मौजूद अग्निशमन दल और सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया और स्थिति को फैलने से रोक दिया। अधिकारियों का कहना है कि समय पर की गई कार्रवाई के कारण एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद रात लगभग एक बजे के आसपास इंजन में तकनीकी खराबी आई थी। घटना की जांच शुरू कर दी गई है, ताकि खराबी के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में हवाई अड्डे पर ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं। इससे पहले भी दो विमानों के पंख आपस में टकराने की घटना सामने आई थी, जिसने विमानन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की सख्ती से समीक्षा और तकनीकी निरीक्षण को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।



