शाहजहांपुर, 08 अप्रैल (रामनिवास शर्मा)। जलालाबाद तहसील क्षेत्र के मंगटोरा गांव में सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाने पहुंची पुलिस-राजस्व की संयुक्त टीम को उस समय वापस लौटना पड़ा, जब कब्जेदारों ने हंगामा करते हुए आत्महत्या की धमकी दे डाली। स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई और अधिकारियों को कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गाटा संख्या 79 स्थित चकमार्ग की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत पर उपजिलाधिकारी के निर्देश पर नायब तहसीलदार रोहित कटियार के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची थी। टीम जैसे ही कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू करने लगी, वहां मौजूद कब्जेदारों ने विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास करते हुए टीम को डराने-धमकाने की कोशिश की, जिससे हालात बिगड़ गए और अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा।
इस संबंध में लेखपाल मुकेश सिंह पुत्र प्रेमपाल सिंह की तहरीर पर थाना जलालाबाद पुलिस ने छह आरोपियों—सर्वेश, तेजवीर, कृष्णपाल, दुर्वेश, राकेश (सभी पुत्र धनपाल) तथा धनपाल पुत्र रामप्रताप—के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 223, 221, 351(2) और 329(3) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली, आदेशों की अवज्ञा की तथा धमकी देकर कानून व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास किया।
थानाध्यक्ष शाहजहांपुर ने बताया कि संबंधित भूमि को तहसीलदार न्यायालय द्वारा पूर्व में ही धारा 67 के तहत बेदखली योग्य घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद कब्जेदारों द्वारा अवैध रूप से भूमि पर कब्जा बनाए रखा गया और प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की विवेचना की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
वहीं, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण भवरे दीक्षा ने भी मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रशासनिक कार्य में बाधा डालने और आत्महत्या की धमकी देकर कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश को गंभीरता से लिया गया है। जांच के आधार पर आगे कठोर कदम उठाए जाएंगे।



