नई दिल्ली, 08 अप्रैल (वेब वार्ता)। वासुदेव घाट पार्क ने करीब सात महीने बाद फिर से अपनी हरियाली और खूबसूरती हासिल कर ली है। यमुना में आई बाढ़ से पूरी तरह तबाह हो चुके इस पार्क को व्यापक सफाई और पुनर्विकास अभियान के बाद पुराने स्वरूप में लौटा दिया गया है।
बाढ़ के बाद युद्धस्तर पर चला पुनर्विकास कार्य
पिछले वर्ष अक्टूबर में यमुना नदी के जलस्तर बढ़ने से पार्क में भारी मात्रा में गाद जमा हो गई थी, जिससे पूरी हरियाली खत्म हो गई थी। इसके बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण ने बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाया।
Visited Vasudev Ghat and Yamuna Bazar Ghat, located opposite ISBT, today along with Hon’ble Chief Minister Smt. @gupta_rekha. Given the vulnerability of these ghats to flooding, a comprehensive review of monsoon preparedness and the ongoing efforts towards Yamuna rejuvenation was… pic.twitter.com/TvDYzT9h6w
— LG Delhi (@LtGovDelhi) April 8, 2026
सैकड़ों टन गाद हटाने के बाद पार्क में नई घास बिछाई गई, फूलों के पौधे लगाए गए और वृक्षारोपण के जरिए हरियाली को फिर से विकसित किया गया। लगातार सात महीने तक चले इस अभियान के बाद अब पार्क पूरी तरह पुनर्जीवित हो चुका है।
मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल ने किया निरीक्षण
पुनर्विकसित पार्क का निरीक्षण करने के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू मौके पर पहुंचे।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई, हरियाली और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली को जल संकट, बाढ़ और स्वच्छता जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिन पर सरकार और प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने वासुदेव घाट परियोजना को बेहतर प्रबंधन का उदाहरण बताया।
लोगों को आकर्षित कर रहा पार्क
पुनर्विकास के बाद पार्क में फिर से लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है। यहां आने वाले लोग प्राकृतिक वातावरण में समय बिता रहे हैं। हालांकि कुछ लोगों ने यमुना नदी से आने वाली दुर्गंध को कम करने की जरूरत भी जताई है।
आरती और प्रवेश व्यवस्था
यमुना किनारे स्थित इस पार्क में प्रत्येक मंगलवार और रविवार को शाम के समय आरती का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। इस दौरान आगंतुकों को निःशुल्क प्रवेश दिया जाता है।
सामान्य दिनों में पार्क में प्रवेश के लिए 50 रुपये का शुल्क निर्धारित है, जबकि विदेशी नागरिकों के लिए 200 रुपये और मासिक पास 500 रुपये रखा गया है। 13 वर्ष तक के बच्चों के लिए प्रवेश निःशुल्क है।
बढ़ी पर्यटकों की संख्या
पुनर्जीवित पार्क अब राजधानी के प्रमुख आकर्षण स्थलों में शामिल होता जा रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले समय में यहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों की संख्या में और वृद्धि होगी, जिससे यह स्थान एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल के रूप में स्थापित होगा।



