लखनऊ में गैस संकट गहराया, बिना कनेक्शन वाले होटल-ढाबों का कारोबार प्रभावित

लखनऊ, 08 अप्रैल (वेब वार्ता)। लखनऊ में व्यावसायिक गैस संकट गहराता जा रहा है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। शहर के आधे से अधिक प्रतिष्ठानों के पास वैध व्यावसायिक गैस कनेक्शन नहीं होने के कारण उन्हें सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

आपूर्ति घटी, बढ़ी परेशानी

राजधानी में एक हजार से अधिक होटल और पांच हजार से ज्यादा रेस्टोरेंट व मिठाई की दुकानें संचालित हो रही हैं, जहां व्यावसायिक गैस की जरूरत होती है। इसके बावजूद आधिकारिक तौर पर केवल करीब 3,500 वैध कनेक्शन ही मौजूद हैं।

गैस की आपूर्ति वर्तमान में सामान्य दिनों की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत तक सिमट गई है, जिससे छोटे-बड़े कारोबारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

आपात सेवाओं को प्राथमिकता

तेल कंपनियों ने अस्पताल, रेलवे और रक्षा क्षेत्र जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी है। इसके चलते सामान्य व्यापारियों के लिए गैस की उपलब्धता और सीमित हो गई है।

इस संकट का असर करीब 50 हजार रेहड़ी-पटरी दुकानदारों पर भी पड़ा है, जिनका काम रिफिलिंग बंद होने के कारण ठप होने की कगार पर पहुंच गया है।

भट्ठी और वैकल्पिक साधनों पर निर्भरता

गैस की कमी के चलते कई दुकानदार अब भट्ठी, हीटर और अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेने को मजबूर हैं।

राणा प्रताप मार्ग पर पूड़ी-सब्जी की दुकान चलाने वाले एक दुकानदार ने बताया कि उनके पास व्यावसायिक कनेक्शन नहीं है और वे घरेलू गैस व भट्ठी से ही काम चला रहे हैं।

अमीनाबाद के एक ढाबा संचालक ने कहा कि पहले किसी तरह काम चल रहा था, लेकिन अब गैस न मिलने से परेशानी बढ़ गई है और भट्ठी ही एकमात्र विकल्प रह गया है।

निशातगंज के एक पूड़ी भंडार संचालक ने बताया कि वे व्यावसायिक और घरेलू दोनों सिलिंडरों का उपयोग करते हैं, जो उपलब्ध हो जाए उसी से काम चलता है।

वहीं डालीबाग के एक चाय-समोसा विक्रेता ने बताया कि उनके पास सिलिंडर तो है, लेकिन कनेक्शन नहीं है। अब स्थिति यह है कि पांच हजार रुपये देने पर भी सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो रहा, जिससे उन्हें हीटर और इंडक्शन का सहारा लेना पड़ रहा है।

समाधान की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या के समाधान के लिए वैध कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने और आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।

फिलहाल लखनऊ में गैस संकट ने छोटे कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो इसका असर शहर की खानपान व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

Latest

More articles