वॉशिंगटन/तेहरान, 05 अप्रैल (वेब वार्ता)। ईरान में लापता अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमान के चालक दल के सदस्य को अमेरिकी सेना ने भीषण गोलीबारी के बीच सफलतापूर्वक बचा लिया है। इस घटना को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी खोज और बचाव अभियानों में से एक बताया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस अभियान के लिए अत्याधुनिक हथियारों से लैस कई लड़ाकू विमानों को तैनात किया गया था। उन्होंने कहा, “अमेरिकी सेना ने अपने एक असाधारण क्रू सदस्य के लिए इतिहास के सबसे साहसी अभियानों में से एक को अंजाम दिया है।”
दुर्गम पहाड़ों में चला अभियान
राष्ट्रपति के अनुसार, लापता पायलट ईरान के दुर्गम पहाड़ी इलाके में फंसा हुआ था, जहां दुश्मन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। इसके बावजूद अमेरिकी सेना ने लगातार निगरानी रखते हुए सटीक योजना के साथ उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
ट्रंप ने बताया कि अभियान के दौरान सेना, रक्षा विभाग और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर बनाए रखी और समन्वय के साथ इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, 3 अप्रैल को कुवैत के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी विमान को ईरान की ओर से निशाना बनाया गया था, जिससे वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एक पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा, जबकि दूसरा लापता हो गया था, जिसके ईरान में गिरने की आशंका जताई गई थी।
ईरान ने भी शुरू किया था सर्च ऑपरेशन
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी पायलट की तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया था। दक्षिण-पश्चिमी इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान तेज किया गया और स्थानीय लोगों से भी सहयोग मांगा गया। पायलट को जिंदा पकड़ने के लिए करीब 60 हजार डॉलर से अधिक का इनाम भी घोषित किया गया था।
ट्रंप की सख्त चेतावनी
इस घटनाक्रम के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपना रुख और सख्त करते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम दोहराया है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास समझौता करने या हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए सीमित समय बचा है, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य पूर्व में पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता गहरा गई है।



