नई दिल्ली, 04 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कंपनी Oracle ने बड़े स्तर पर छंटनी का फैसला लेते हुए हजारों कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर दिया है। इस फैसले की जानकारी कर्मचारियों को ईमेल के माध्यम से दी गई, जिसमें स्पष्ट किया गया कि संगठनात्मक बदलाव और कंपनी की जरूरतों के चलते यह कदम उठाया गया है।
ईमेल में कर्मचारियों को बताया गया कि वही दिन उनका आखिरी कार्यदिवस होगा और उन्हें किसी भी प्रकार का अतिरिक्त समय या संक्रमण अवधि नहीं दी जाएगी। इस अचानक निर्णय से कर्मचारियों में चिंता और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
12 हजार से अधिक कर्मचारी प्रभावित, संख्या बढ़ने की आशंका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक करीब 12 हजार कर्मचारी इस छंटनी से प्रभावित हुए हैं। बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि यह संख्या 20 हजार से 30 हजार तक पहुंच सकती है, जो कंपनी के कुल लगभग 1.62 लाख कर्मचारियों का बड़ा हिस्सा होगा।
कर्मचारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश
कंपनी द्वारा भेजे गए ईमेल में कर्मचारियों को जल्द से जल्द आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि उनका सिस्टम एक्सेस शीघ्र ही बंद किया जाना है। ईमेल में कर्मचारियों के योगदान की सराहना करने के बाद उन्हें सेवरेंस पैकेज से संबंधित जानकारी दी गई।
कर्मचारियों को बताया गया कि उन्हें टर्मिनेशन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने होंगे, जो उनके आधिकारिक ईमेल पर भेजे गए हैं। इसके बाद ही वे सेवरेंस पैकेज के लिए पात्र होंगे।
सीमित समय में निपटाने पड़े जरूरी काम
ईमेल में यह भी स्पष्ट किया गया कि कंप्यूटर, ईमेल, वॉइसमेल और फाइल्स तक पहुंच बहुत जल्द समाप्त कर दी जाएगी। इससे कर्मचारियों के पास केवल सीमित समय बचा, जिसमें उन्हें अपने जरूरी कार्य और दस्तावेज सुरक्षित करने पड़े।
छंटनी के बाद बढ़ा काम का दबाव
छंटनी के बाद बचे कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। सोशल मंच Reddit पर एक पोस्ट में खुद को कंपनी का कर्मचारी बताने वाले व्यक्ति ने अन्य कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे अतिरिक्त जिम्मेदारियों का बोझ बिना उचित लाभ के न उठाएं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर छंटनी के बाद कंपनियां अक्सर शेष कर्मचारियों से अधिक काम की अपेक्षा करती हैं, जिससे उन पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ता है।
वरिष्ठ कर्मचारियों पर ज्यादा असर
कंपनी में लंबे समय से कार्यरत Nina Lewis ने अपने वक्तव्य में दावा किया है कि इस छंटनी में विशेष रूप से वरिष्ठ अधिकारियों और मध्य स्तर के प्रबंधकों को निशाना बनाया गया है।
उनके अनुसार, जिन कर्मचारियों के पास अधिक स्टॉक विकल्प और इक्विटी थी, उन्हें प्राथमिकता से हटाया गया है, जिससे कंपनी अपने दीर्घकालिक वित्तीय दायित्वों को कम कर सके।
कुल मिलाकर, इस बड़े फैसले ने वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नौकरी की स्थिरता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं और आने वाले समय में अन्य कंपनियों पर भी इसका असर पड़ सकता है।



