नई दिल्ली/जयपुर, 03 अप्रैल (वेब वार्ता)। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल के आयात में कमी के कारण भारत में लुब्रिकेंट्स यानी इंजन ऑयल, गियर ऑयल और ग्रीस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जयपुर समेत कई शहरों में लुब्रिकेंट्स के दाम 35 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं, जिससे वाहन सर्विसिंग महंगी हो गई है और इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
क्यों बढ़े दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार लुब्रिकेंट्स का उत्पादन कच्चे तेल पर निर्भर करता है, जिसका बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट और खाड़ी देशों से आयात किया जाता है। युद्ध के चलते आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे उत्पादन घटा और कीमतों में तेजी आई।
इसके अलावा कुछ स्थानों पर जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका भी जताई जा रही है, जिससे बाजार में कृत्रिम कमी पैदा हो रही है।
बिक्री पर भी पड़ा असर
कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण लुब्रिकेंट्स की बिक्री पर भी असर पड़ा है। दुकानदारों के अनुसार पिछले एक महीने में बिक्री में लगभग 40 प्रतिशत तक गिरावट आई है।
सबसे ज्यादा प्रभाव वाहनों में इस्तेमाल होने वाले इंजन ऑयल और ग्रीस पर देखने को मिला है।
दुकानदारों की मजबूरी
जयपुर के बाजारों में कई दुकानदारों ने बढ़ती कीमतों को लेकर अपनी दुकानों पर सूचना भी लगा दी है।
एक दुकानदार ने पोस्टर लगाकर ग्राहकों को बताया कि अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण कीमतें बढ़ी हैं और उन्हें मजबूरी में ऊंचे दाम पर सामान बेचना पड़ रहा है। पोस्टर में ग्राहकों के प्रति सम्मान जताते हुए भावुक संदेश भी लिखा गया है।
आम लोगों की बढ़ी परेशानी
वाहन मालिकों का कहना है कि सर्विसिंग में इस्तेमाल होने वाले सामान महंगे होने से कुल खर्च काफी बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले समय में कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे आम लोगों पर आर्थिक दबाव और बढ़ेगा।



