मुंबई, 03 अप्रैल (वेब वार्ता)। हिंदी सिनेमा के 70 के दशक में ऐसी कई फिल्में आईं, जिन्होंने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी खास जगह बनाई। खास बात यह रही कि इस दौर में बदले की कहानी पर आधारित तीन फिल्मों ने जबरदस्त सफलता हासिल की और एक नया ट्रेंड स्थापित किया। इन फिल्मों में यादों की बारात, जंजीर और प्रतिज्ञा शामिल हैं, जिन्होंने अपने समय में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया।
यादों की बारात: खोया-पाया और बदले की कहानी
1973 में आई फिल्म यादों की बारात ने दर्शकों को एक भावनात्मक और रोमांचक कहानी दी। फिल्म में तीन भाइयों की कहानी दिखाई गई, जो बिछड़ जाते हैं और बड़े होकर अपने पिता के हत्यारे से बदला लेते हैं। इस फिल्म का संगीत और गीत आज भी लोकप्रिय हैं, खासकर “चुरा लिया है तुमने” जैसा गीत इसकी पहचान बन गया। फिल्म ने उस समय शानदार कमाई की और साल की बड़ी हिट साबित हुई।
जंजीर: अमिताभ का टर्निंग प्वाइंट
उसी वर्ष रिलीज हुई फिल्म जंजीर ने अमिताभ बच्चन के करियर को नई दिशा दी। इस फिल्म ने उन्हें ‘एंग्री यंग मैन’ की पहचान दिलाई। कहानी एक ऐसे पुलिस अधिकारी की थी, जो अपने बचपन के आघात और पिता के हत्यारे से बदला लेने के लिए संघर्ष करता है। यह फिल्म हिंदी सिनेमा में एक नए युग की शुरुआत मानी जाती है।
प्रतिज्ञा: धर्मेंद्र की दमदार छवि
1975 में आई फिल्म प्रतिज्ञा में धर्मेंद्र ने एक्शन और भावनाओं का शानदार मिश्रण पेश किया। फिल्म की कहानी भी बदले पर आधारित थी, जिसमें नायक अपने पिता की हत्या का बदला लेने निकलता है। “मैं जट यमला पगला दीवाना” जैसा गीत आज भी लोगों की जुबान पर है।
एक दौर, एक ट्रेंड
इन तीनों फिल्मों ने यह साबित कर दिया कि बदले की कहानी दर्शकों को खूब पसंद आती है। एक ही दौर में आई इन फिल्मों ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि हिंदी सिनेमा की दिशा भी तय की। आज भी ये फिल्में क्लासिक मानी जाती हैं और भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम दौर की पहचान बनी हुई हैं।



