इंदौर, 02 अप्रैल (वेब वार्ता)। इंदौर के एमआर-10 जंक्शन पर बन रहे तीन स्तरीय फ्लायओवर का निर्माण कार्य अब लगभग 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। निर्धारित समयसीमा के अनुसार यह परियोजना दो वर्षों में पूरी होनी थी, लेकिन निर्माण कार्य में देरी के चलते अब इसके अक्टूबर तक पूर्ण होने की संभावना जताई जा रही है।
इस फ्लायओवर की विशेषता यह है कि इसमें देश का सबसे बड़ा पियर कैप बनाया जा रहा है, जिसकी चौड़ाई 27 मीटर रखी गई है। इसी पियर कैप पर विशाल गर्डर स्थापित किए गए हैं, जो इस संरचना को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
तीन राष्ट्रीय राजमार्गों का संगम
एमआर-10 जंक्शन पर फ्लायओवर निर्माण की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि यहां तीन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग आपस में मिलते हैं। एबी रोड के साथ-साथ इंदौर-अहमदाबाद और इंदौर-नागपुर मार्ग इसी जंक्शन से जुड़े हुए हैं। नागपुर की दिशा में यातायात सुगम बनाने के लिए इंदौर-हरदा मार्ग का लगभग 25 किलोमीटर लंबा बायपास भी तैयार किया गया है, जिसका यातायात अंडरपास के माध्यम से संचालित होगा।
वाहनों की आवाजाही होगी सुगम
इस फ्लायओवर के चालू होने के बाद प्रतिदिन लगभग 50 हजार से अधिक वाहन चालकों को सीधा लाभ मिलेगा। अभी तक बोगदों के भीतर से गुजरने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती थी, लेकिन नए ढांचे के तैयार होने से इस समस्या से राहत मिलेगी। बेस्ट प्राइस की दिशा से आने वाले वाहन अब फ्लायओवर के नीचे से आसानी से शहर में प्रवेश कर सकेंगे।
बहुस्तरीय संरचना से बढ़ेगी क्षमता
फ्लायओवर का एक हिस्सा बंगाली चौराहे की दिशा में बनाया गया है, जबकि दूसरा सिरा बेस्ट प्राइस क्षेत्र के पास विकसित किया गया है। लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबे इस फ्लायओवर के नीचे एक अन्य ब्रिज पहले ही तैयार हो चुका है, जिस पर एबी रोड का यातायात संचालित हो रहा है। महाराष्ट्र की ओर जाने वाले वाहन इसी मार्ग का उपयोग कर रहे हैं, जबकि अंडरपास को इंदौर-हरदा मार्ग से जोड़ा गया है।
अंडरपास का निर्माण पूरा हो चुका है और अब सड़क निर्माण कार्य स्टार चौराहा तक किया जा रहा है। इंदौर-हरदा मार्ग का निर्माण भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
आकर्षक प्रकाश व्यवस्था होगी
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, इस फ्लायओवर को मुंबई के सी लिंक की तर्ज पर सौंदर्यपरक केबल और प्रकाश व्यवस्था से सजाया जाएगा, जिससे यह शहर का प्रमुख आकर्षण बनेगा।
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि यह प्रदेश का पहला तीन स्तरीय फ्लायओवर होगा, जो न केवल राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने का कार्य करेगा, बल्कि इंदौर शहर में प्रवेश को भी अधिक सुगम बनाएगा।



