वॉशिंगटन, 02 अप्रैल (वेब वार्ता)। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बड़े हमलों की चेतावनी दी है। राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने स्पष्ट कहा कि तेहरान के खिलाफ सैन्य अभियान अभी जारी है और आने वाले हफ्तों में इसे और तेज किया जाएगा।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने संकेत दिया कि अगले दो से तीन सप्ताह में ईरान पर और बड़े हमले किए जा सकते हैं।
उपराष्ट्रपति की सक्रियता
इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की सक्रियता भी चर्चा में है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने ईरान से जुड़े मुद्दे पर पाकिस्तान के माध्यम से बातचीत की कोशिश की। सूत्रों के मुताबिक इस बातचीत में अमेरिका की शर्तों को स्पष्ट किया गया और ईरान को सख्त संदेश दिया गया कि समझौता न होने की स्थिति में सैन्य कार्रवाई और तेज होगी।
हालांकि इस संवाद को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इससे क्षेत्रीय कूटनीति में हलचल तेज हो गई है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिश
पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है। जानकारी के अनुसार, इस्लामाबाद ने तेहरान को एक विस्तृत शांति प्रस्ताव भी भेजा था, जिसे ईरान ने स्वीकार नहीं किया।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने इस मुद्दे पर चीन का समर्थन जुटाने के लिए तेहरान का दौरा भी किया, जिससे इस पूरे घटनाक्रम में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल बढ़ गई है।
बढ़ सकता है तनाव
ट्रंप के सख्त बयान के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है।
फिलहाल दुनिया की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है, जहां कूटनीतिक प्रयासों के साथ-साथ सैन्य गतिविधियां भी तेज होती दिखाई दे रही हैं।



