क्यूबा संकट के बीच रूस ने भेजा कच्चा तेल, अमेरिका की धमकियों के बीच बढ़ी हलचल

हवाना, 31 मार्च (वेब वार्ता)। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है, जिसका असर कई देशों पर पड़ रहा है। इसी बीच संकट से जूझ रहे क्यूबा की मदद के लिए रूस आगे आया है और एक लाख टन कच्चे तेल से भरा टैंकर क्यूबा भेजा है।

रूस का यह टैंकर क्यूबा के तट पर पहुंच चुका है और मानसास बंदरगाह पर उतारने की प्रक्रिया का इंतजार कर रहा है। रूसी परिवहन मंत्रालय ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह आपूर्ति क्यूबा की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

रूस ने बताया मानवीय सहायता

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इस मदद को आवश्यक बताते हुए कहा कि रूस क्यूबा की सहायता को अपना दायित्व मानता है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की यह खेप क्यूबा में बिजली उत्पादन, जीवन रक्षक सेवाओं और चिकित्सा सुविधाओं को सुचारू रूप से चलाने में सहायक होगी।

ईंधन संकट से जूझ रहा क्यूबा

अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण क्यूबा इस समय गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। ईंधन की कमी के चलते परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो गई है और हवाई सेवाएं भी ठप हो चुकी हैं।

हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि बीते एक सप्ताह में दो बार देश का राष्ट्रीय विद्युत तंत्र ठप पड़ चुका है, जिससे पूरा देश अंधकार में डूब गया। अस्पतालों में बिजली की कमी के कारण मरीजों के इलाज और ऑपरेशन तक प्रभावित हो रहे हैं।

अमेरिका की धमकियों से बढ़ा तनाव

क्यूबा की स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा पर संभावित हमले की चेतावनी दी। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका जल्द ही क्यूबा के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते संघर्ष और ऊर्जा संकट के बीच क्यूबा की स्थिति और जटिल हो सकती है। रूस की यह सहायता फिलहाल क्यूबा को राहत जरूर दे सकती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते स्थिति कब सामान्य होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

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