तेहरान, 31 मार्च (वेब वार्ता)। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच ईरान का खार्ग द्वीप एक बार फिर वैश्विक चर्चा के केंद्र में आ गया है। यह छोटा सा द्वीप न केवल ईरान की ऊर्जा सुरक्षा का आधार है, बल्कि उसकी अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा भी माना जाता है। ऐसे में इस पर किसी भी प्रकार का हमला पूरे क्षेत्र और वैश्विक बाजार को प्रभावित कर सकता है।
करीब 22 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला खार्ग द्वीप आकार में भले छोटा हो, लेकिन इसका महत्व अत्यंत व्यापक है। लगभग 8 किलोमीटर लंबा और 4 से 5 किलोमीटर चौड़ा यह द्वीप ईरान के तेल भंडार का मुख्य द्वार माना जाता है। प्रसिद्ध लेखक जलाल अल-ए-अहमद ने इसे “फारस की खाड़ी का अनाथ मोती” कहा था, जो इसकी विशिष्टता को दर्शाता है।
ईरान की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार
खार्ग द्वीप ईरान के बुशेहर बंदरगाह से लगभग 55 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है और मुख्यभूमि से करीब 28 किलोमीटर दूर है। यह द्वीप ईरान के कुल कच्चे तेल निर्यात का लगभग 90 प्रतिशत संचालित करता है। हर वर्ष यहां से करीब 95 करोड़ बैरल तेल का प्रबंधन होता है, जो इसे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला का अहम हिस्सा बनाता है।
जानकारी के अनुसार, इस द्वीप से ईरान को सालाना लगभग 78 अरब डॉलर का राजस्व प्राप्त होता है। वर्ष 2025 में ईरान की कुल तेल निर्यात आय करीब 53 अरब डॉलर रही, जो उसकी सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 11 प्रतिशत है। चीन इस तेल का प्रमुख खरीदार है, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद ईरानी तेल का आयात करता रहा है।
हमले से वैश्विक बाजार पर असर संभव
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खार्ग द्वीप पर हमला होता है और इसके ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचता है, तो ईरान का लगभग 90 प्रतिशत तेल निर्यात बाधित हो सकता है। इसका असर केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार में भी भारी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।
पहले भी बन चुका है निशाना
इतिहास गवाह है कि यह द्वीप पहले भी संघर्षों के दौरान निशाने पर रहा है। 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान इस पर कई बार बमबारी की गई थी, जिससे तेल निर्यात ढांचे को भारी नुकसान हुआ था।
मजबूत सुरक्षा से लैस है द्वीप
वर्तमान हालात को देखते हुए ईरान ने खार्ग द्वीप की सुरक्षा को अत्यधिक मजबूत किया है। यहां उन्नत वायु रक्षा प्रणाली, मजबूत संरचनाएं और भूमिगत भंडारण टैंक स्थापित किए गए हैं। इन उपायों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लगातार हमलों की स्थिति में भी तेल निर्यात बाधित न हो।
स्पष्ट है कि खार्ग द्वीप केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि ईरान की आर्थिक स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा संतुलन का प्रमुख केंद्र है, जिस पर मंडराता खतरा पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।



