बेंगलुरु/भोपाल, 31 मार्च (वेब वार्ता)। कोरामंगला स्टेडियम में आयोजित पैरा ताइक्वांडो राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2025-26 में मध्य प्रदेश की प्रतिभाशाली खिलाड़ी सपना शर्मा ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही उन्होंने लगातार चौथा राष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है और वह देश की पहली ऐसी दिव्यांग खिलाड़ी बन गई हैं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है।
दो दिवसीय इस प्रतियोगिता का आयोजन 28 और 29 मार्च को किया गया, जिसमें देशभर के करीब 70 खिलाड़ियों ने भाग लिया। फाइनल मुकाबले में सपना शर्मा ने अपने दमदार प्रदर्शन से सभी प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने तेलंगाना की ममता को पराजित कर स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि कृष्णवेणी ने कांस्य पदक जीता। पूरे टूर्नामेंट में सपना का दबदबा साफ दिखाई दिया और उन्होंने हर मुकाबले में आत्मविश्वास के साथ जीत दर्ज की।
संघर्षों के बीच बनी सफलता की मिसाल
सपना शर्मा की यह उपलब्धि उनके कठिन संघर्षों की कहानी भी बयां करती है। दोनों पैरों में पोलियो होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर प्रयास करती रहीं। ताइक्वांडो से पहले वह टेबल टेनिस में भी राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और आर्म रेसलिंग में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकी हैं।
आर्थिक चुनौतियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच निरंतर अभ्यास करते हुए उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। उनका मानना है कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी बाधा टिक नहीं सकती।
परिवार और आत्मविश्वास बना ताकत
सपना अपनी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत और आत्मविश्वास को देती हैं। उनके परिवार, विशेषकर पति संजय वर्मा और बेटी हनाया ने हर कदम पर उनका साथ दिया है। सपना का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों को ही अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बनाया है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य
अब सपना शर्मा का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। वह पहले भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए चयनित हो चुकी हैं, लेकिन आर्थिक कारणों से कई बार हिस्सा नहीं ले सकीं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने प्रयास जारी रखे।
सपना का कहना है कि वह हर असफलता से सीखकर और मजबूत बनती हैं तथा देश के लिए अधिक से अधिक पदक जीतकर तिरंगा लहराना चाहती हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।



