रायपुर, 31 मार्च (वेब वार्ता)। छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और आने वाले दिनों में प्रदेशभर में इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, आज कई क्षेत्रों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। यह बदलाव 4 अप्रैल तक जारी रहने के संकेत हैं, जिससे भीषण गर्मी से आंशिक राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे कई सक्रिय मौसम प्रणालियां जिम्मेदार हैं। उत्तर ईरान और कैस्पियन सागर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर भारत के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण तथा उत्तर प्रदेश से होते हुए छत्तीसगढ़ तक फैली द्रोणिका प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रही है। इसके अलावा पूर्वी भारत में सक्रिय द्रोणिका के कारण वातावरण में नमी बढ़ रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर बादलों का निर्माण हो रहा है।
इन परिस्थितियों के चलते प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाएं चलने, अंधड़ आने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है। हालांकि तापमान में बहुत अधिक गिरावट नहीं होगी, लेकिन बादलों की मौजूदगी और वर्षा के कारण दिन के तापमान में हल्की कमी दर्ज की जा सकती है।
राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है, लेकिन गर्मी का प्रभाव बना रहेगा। यहां अधिकतम तापमान करीब 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 3 डिग्री अधिक रहा।
वहीं बस्तर और बिलासपुर संभाग में हाल ही में हुई बारिश से लोगों को कुछ राहत मिली है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और आवश्यक सावधानी बरतें।
स्पष्ट है कि आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ स्वरूप बना रहेगा, जिससे एक ओर जहां गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर सतर्कता बरतना भी जरूरी होगा।



